गोकुल बैराज प्रभावित क्षेत्र के किसानों को मुआवजा दिए जाने संबंधी इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर जिला स्तरीय सुनवाई शुरू हो गई है। इसके लिए गठित कमेटी ने किसानों का पक्ष सुना और रिपोर्ट डीएम को दे दी है।
गोकुल बैराज जल भंडारण से आसपास क्षेत्रों की कृषि भूमि डूब गई। इससे क्षेत्र के करीब 900 से ज्यादा किसान प्रभावित हुए हैं। इसका मुआवजा 18 साल बाद किसानों को हाथ लगा था। इसके लिए हिंसक संघर्ष भी हुआ। अनेक किसानों को जेल जाना पड़ा। लेकिन किसानों को उनकी डूब जमीन का आखिरकार मुआवजा मिल गया। इसके बाद भी अनेक किसानों का दावा है कि गोकुल बैराज से प्रभावित उनकी जमीन का मुआवजा प्रशासन ने नहीं दिया है।
इस संदर्भ में इलाहाबाद हाईकोर्ट में किसानों की याचिका पर डीएम को उनके प्रस्तावेदन के निस्तारण के आदेश दिए गए थे। इसकी सुनवाई के लिए शुक्रवार को संबंधित कमेटी की बैठक हुई। इसमें एडीएम वित्त रवींद्र कुमार सहित एसएलओ ब्रजभान सिंह राठौर, पीडब्लूडी, सिंचाई, विद्युत सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
किसानों ने पक्ष रखा कि 50-60 साल से इस जमीन पर उनके पूर्वज खेती करते रहे हैं। अब इसके गोकुल बैराज डूब क्षेत्र में आ जाने के कारण कृषि उपयोग से वंचित हो गए हैं लेकिन सरकारी रिकार्ड में इस जमीन को ग्राम सभा का हिस्सा बताया गया। अफसर और किसानों का पक्ष सुनने के बाद एडीएम वित्त ने समिति की ओर से इस मामले की रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।