मथुरा। जिले में डेंगू की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग विफल साबित हो रहा है। अब तक जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 88 रोगी मिल चुके हैं। जबकि बीते वर्ष मात्र 72 मरीज मिले थे। अभी यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना है।
स्वास्थ्य विभाग ने मौसम बदलने से पूर्व जिले में डेंगू रोग फैलने से रोकने के लिए काफी दावे किए। विभाग के अनुसार विगत वर्ष जहां डेंगू रोगी मिले थे, उन क्षेत्रों को रेड जोन घोषित किया। फरवरी माह से ही शहर के साथ देहात क्षेत्र में स्वास्थ्य टीमों को दौड़ाने के दावे किए। एंटी लार्वा और फॉगिंग का छिड़काव कराने की बात कही, लेकिन जिले में इस वर्ष पहला मरीज ही जून माह में मिल गया।
जबकि पिछले वर्ष अक्तूबर माह में पहला मरीज मिला था और कुल मरीज 72 थे। वहीं इस वर्ष अक्तूबर के आधा बीतने के दौरान ही 88 मरीज मिल चुके हैं। हालांकि यह गनीमत है कि अभी तक कोई मरीज डेंगू से हताहत नहीं हुआ है। चिकित्सकों की मानें तो नवंबर के मध्य तक मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी रहेगा।
जिला अस्पताल सहित सीएचसी पर भी बने हैं डेंगू वार्ड
डॉ. मुकुंद बंसल ने बताया कि जिला अस्पताल 10 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है। यहां प्रतिदिन 80 से 100 डेंगू की जांच हो सकती हैं। वहीं सीएचसी पर भी डेंगू मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की गई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपनी ओर से डेंगू को फैलने से रोकने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के साथ देहात में भी एंटी लार्वा और फॉगिंग कराई गई। लोगों को भी इसके प्रति जागरूक किया गया। अभी भी यह प्रयास जारी हैं।
- डॉ. एके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी