मथुरा में केनरा बैंक की सुरक्षा ड्यूटी के दौरान गोली लगने से मृत मुख्य आरक्षी अजीत कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिता ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से कम बातचीत कर रहा था, जबकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
मथुरा में केनरा बैंक की सुरक्षा ड्यूटी के दौरान गोली लगने से मृत मुख्य आरक्षी अजीत कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पिता ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से कम बातचीत कर रहा था, जबकि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
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मथुरा में ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मृत मुख्य आरक्षी अजीत का रविवार को परिजन व पुलिसकर्मियों ने राजकीय सम्मान के साथ ध्रुव घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। पिता का कहना है कि एक सप्ताह से अजीत कम बोल रहा था। हालांकि उसने कोई परेशानी जाहिर नहीं की थी। इधर, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
एटा के थाना पिलुआ क्षेत्र के गांव गदुआ निवासी मुख्य आरक्षी अजीत कुमार (42) की शनिवार रात केनरा बैंक पर ड्यूटी के लिए पहुंचे थे। कुछ समय बाद बैंक के गार्ड रूम में संदिग्ध परिस्थितियों में रायफल की गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अजीत की 20 दिन पहले ही बैंक की सुरक्षा में ड्यूटी लगाई गई थी। शनिवार रात बैंक के गार्ड रूम से गोली चलने की आवाज पर पहुंचे साथी पुलिसकर्मी ने उसे लहूलुहान हालत में पाया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। पिता रमेश सेना से रिटायर्ड हैं और बालाजीपुरम में रहते हैं। वहीं अजीत पुलिस विभाग के आवास में परिवार के साथ रहते थे। पिता का कहना है कि अजीत उनके पास आता-जाता रहता था। एक सप्ताह से वह पहले की तुलना में कम बातचीत कर रहा था।
पुलिस मामले की जांच कर रही है कि गार्ड रूम में गोली किन परिस्थितियों में चली। यह हादसा था आत्महत्या या घटना के पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। रायफल की तकनीकी जांच कराई जा रही है। एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
चार वर्ष पहले भाई ने भी फंदा लगाकर दे दी थी जान
मथुरा जिले के सिविल लाइन स्थित केनरा बैंक की शाखा में तैनात मुख्य आरक्षी की गोली लगने से मौत हो गई। परिजन ने हत्या का आरोप लगाया है। मृतक आरक्षी अजीत कुमार मूल रूप से गांव गदुआ थाना पिलुआ का निवासी था। गांव में रह रहे परिवार के अन्य लोगों ने बताया कि अजीत के छोटे भाई ने भी चार वर्ष पूर्व फंदा लगाकर जान दे दी थी।
गांव गदुआ थाना पिलुआ निवासी रमेश यादव सेना में कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हैं। इनके दो बेटे अजीत और विक्रम थे। दोनों ही पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे थे। इनका गांव में कम ही आना-जाना रहता था। गांव के ही राधेश्याम ने बताया कि कैप्टन रमेश यादव ही वर्ष में एक या दो बार आते थे। जब भी आते, तो करीब एक माह रुककर जाते थे।
इनके छोटे बेटे विक्रम भी पुलिस विभाग में ही थे। करीब चार वर्ष पूर्व किसी बात के चलते घर में कहासुनी हुई तो विक्रम ने फंदा लगाकर जान दे दी। शनिवार की रात बड़े बेटे अजीत की भी संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। जानकारी मिलते ही गांव में रह रहे परिवार के लोग मथुरा के लिए रवाना हो गए।