मथुरा। सीएफआई सदस्य सिद्दीक कप्पन की जमानत मंगलवार को एडीजे प्रथम की अदालत ने खारिज कर दी। उसकी जमानत पर सोमवार को भी सुनवाई हुई थी। इस दौरान बचाव पक्ष के सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ने अपना भी पक्ष रखा।
मांट दुष्कर्म प्रकरण में हाथरस जाते समय पकड़े गए सीएफआई के चार सदस्यों में से तीन की जमानत पूर्व में खारिज हो चुकी है। उन्हीं में से एक सदस्य सिद्दीक कप्पन की जमानत पर सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में बहस चली। बहस पूरी ना होने पर मंगलवार को भी बहस चली।
कप्पन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विल्स मैथ्यू ने अपना पक्ष रखा और अदालत से कप्पन को जमानत देने के लिए कहा परंतु न्यायिक अधिकारी एडीजे प्रथम अनिल पांडे ने तीन बजे बाद जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया। यह जानकारी देते हुए एडीजीसी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि आधी बहस मंगलवार को पूरी हुई। अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद कप्पन के जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।