मथुरा शहरी क्षेत्र में 540 हैंडपंपों उपयोग के काबिल नहीं रहे। इन्हें फिर से उपयोगी बनाने की संभावना भी नजर नहीं आ रही क्योंकि जल निगम ने पालिका की ओर से रीबोर के लिए भेजी गई सूची वापस कर दी है। वहीं पालिका ने इन्हें रीबोर कराने के लिए धनराशि देने से हाथ खींच लिए। ऐसे में ये खराब हैंडपंप अनाथ नजर आ रहे हैं।
बीते माह मथुरा नगर पालिका ने शहरी क्षेत्र में स्थायी रूप से खराब हो चुके हैंडपंप का सत्यापन कराया था। इसमें 540 हैंडपंप स्थायी रूप से खराब पाए गए। इनमें जल स्तर भी नीचे चला गया है। ऐसी स्थिति में पालिका के जलकल विभाग ने इनको रीबोर करने की आवश्यकता जताई और रीबोर के लिस्ट जल निगम को भेज दी।
इस पर जल निगम ने चुप्पी साध ली। इस पर पालिका ने 49 और हैंडपंप की आवश्यकता जिला योजना के तहत जताई। लेकिन, जल निगम ने पालिका के सभी प्रस्तावाें को खारिज कर दिया है। इसकी जानकारी जल निगम ने सीडीओ को दे दी है।
जल निगम ने साफ कह दिया है कि इस बार शासन ने नगरीय क्षेत्र में स्थापित हैंडपंप के रीबोर के लिए कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किया है। इस बार सिर्फ विधायकों के कोटे से ही हैंडपंप का रीबोर और नवीन स्थापना का आदेश जारी किया है।
पालिका रीबोर के लिए धनराशि उपलब्ध कराए तो यह कार्य संभव है। इस पर नगर पालिका ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।