वृंदावन में विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर के समीप मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गली नंबर-5 में स्थित एक पुराने मकान का जर्जर छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में नौ श्रद्धालु घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया गया। दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। मंदिर की गली में लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, तभी तेज आंधी के बीच छज्जे पर बंदरों का झुंड उछल-कूद कर रहा था। इसी दौरान कमजोर हो चुका छज्जा अचानक टूटकर नीचे गिर गया।
छज्जे के साथ ईंट, सीमेंट और कंक्रीट का मलबा भी सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में कई श्रद्धालु आ गए। छज्जा गिरते ही क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे में दबे श्रद्धालुओं को बाहर निकाला तथा पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। घायलों को एंबुलेंस की सहायता से विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंदिर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की आवाजाही को कुछ समय के लिए नियंत्रित किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी सीपी सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते हुए आसपास के जर्जर भवनों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
हादसे में घायल हुए श्रद्धालुओं की पहचान लक्ष्मीनारायण (35) पुत्र शिशुपाल निवासी अलीगढ़, रुद्रांश (5) पुत्र विजय, विजय (35) पुत्र सतीश निवासी आगरा, उर्मिला देवी (70) पत्नी गोविंद लाल, चंचल प्रजापति (26) पुत्री ओमप्रकाश निवासी राजस्थान, जानकी देवी (48) पत्नी ओमप्रकाश, मेधा सैनी पुत्री जगवती तथा गोविंद (65) पुत्र खुशीलाल निवासी जनकपुरी, दिल्ली के रूप में हुई है। इसके अलावा आस्था भदौरिया (17) पुत्री मुकेश निवासी इटावा भी घायल हुई हैं।