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गुरुपूर्णिमा पर हुआ गुरुओं की चरण पादुका का पूजन

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वात्सल्य ग्राम में गुरू पूर्णिमा के अवसर पर साध्वी ऋतभंरा का पूजन करते उनके अनुयायी। - फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन। रविवार को भगवान श्रीराधा-कृष्ण की लीला स्थाली वृंदावन में गुरुपूर्णिमा का पर्व सादगी के साथ मनाया गया। गुरुओं के आश्रमों में शिष्यों ने उनके चरण पादुका का पूजन किया। हवन-पूजन भी किया गया। विभिन्न आश्रमों ने शिष्यों को ऑनलाइन भी जोड़ा।
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वात्सल्य ग्राम में गुरु पूर्णिमा पर साध्वी ऋतंभरा ने अपने सदगुरुदेव की चरण पादुका का पूजन किया। साध्वी ऋतंभरा की शिक्षाओं ने उनकी चरण पादुका का पूजन कर आरती की। उन्होंने कहा कि शिष्य जब तक अपने मन को कोरे कागज के समान गुरु चरणों में समर्पित नहीं करता, तब तक उसे ज्ञान का प्रकाश उपलब्ध नहीं होता। साध्वी सत्यप्रिया, स्वर्णागिरी, स्वामी सत्य शील महाराज आदि उपस्थित रहे।
श्रीराधा सनेह बिहारी सेवा ट्रस्ट की ओर से ठाकुर श्रीराधा सनेह बिहारी मंदिर में प्रात: ठाकुर जी व स्वामी श्री हरिदास जी और भगवान वेदव्यास जी का दुग्ध अभिषेक कर पूजन किया। तदुपरांत नवीन फूलों के वस्त्र पहनाकर ठाकुर श्री राधा सनेह बिहारी जी महाराज को भव्य फूल बंगले में विराजमान किया। सेवायत आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी स्वामी हरिदास जी की चरण पादुका का पूजन किया।
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गोधुलीपुरम स्थित श्रीहरिदास धाम में गुरु पूर्णिमा उत्सव के अंतर्गत विधि विधान व वैदिक मंत्रों के साथ हरिदासीय संप्रदाय के मूल आचार्य सखी संप्रदाय प्रवर्तकाचार्य सारस्वत कुल कमल दिवाकर रसिक शेखर श्रीस्वामीहरिदास महाराज का पूजन किया। गोस्वामी आनंदवल्लभ महाराज के शिष्यों ने देश विदेश से ऑनलाइन गुरु पूजा में भाग लिया। चरणाश्रम में अधिकारी गुरुजी के शिष्यों ने ऑनलाइन जूम के माध्यम से आशीर्वाद लिया और नमन किया।
ठा. श्रीप्रियाकांतजू मंदिर पर व्यास पूर्णिमा मनाई गई। शिष्यों ने भागवत प्रवक्ता देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज का पादुका पूजन कर आशीर्वाद लिया। तकनीकी के सहारे देश-विदेश में बैठे शिष्यों ने ऑनलाइन जुड़कर गुरु पूजन किया। शिष्यों को आशीर्वचन सुनाए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगल कामना की। गंगाजी वाले बाबा के आश्रम में आनंद स्वरूप बाबा का शिष्यों ने पूजन किया। हनुमान टैकरी मंदिर पर राचरणदास महाराज के चरण पादुका का पूजन हुआ।
परिक्रमा मार्ग स्थित उमा शक्ति पीठ आश्रम सुदामा कुटी, चैतन्य कुटी, छटीकरा मार्ग स्थित मलूक पीठ आश्रम आश्रमों पर शिष्यों ने गुरुओं का पूजन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। उमाशक्तिपीठाधीश्वर रामदेवानंद सरस्वती महाराज ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर्व पर अपनी कृतज्ञता व भाव समर्पण करने का पर्व है, गुरु ही एक ऐसा साधन हैं जो मनुष्य को अज्ञानता के अंधकार से दूर कर ज्ञान के प्रकाश का रास्ता दिखाता है। अभा ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में सनातन संस्कार धाम आनंद वाटिका में श्रीमद् भागवत महापुराण का पूजन करके व्यास पूर्णिमा मनाई गई। महासभा के अध्यक्ष आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने इस खास दिन का वर्णन किया।
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