गुरु पूर्णिमा के दिन विशेष श्रृंगार में भक्तों को दर्शन देते ठाकुर राजाधिराज।
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मथुरा। कोरोना महामारी के चलते ठाकुर राजाधिराज इस बार स्वर्ण-रजत निर्मित अपने हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन नहीं देंगे। ठाकुर द्वारिकाधीश महाराज मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि श्रावण और भादों के कार्यक्रमों का निर्धारण कांकरौली नरेश मंदिर के गोस्वामी बृजेश कुमार महाराज और मंदिर के युवराज डॉ. वागीश कुमार महाराज द्वारा किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस बार ठाकुर द्वारिकाधीश महाराज सोने-चांदी की हिंडोले में नहीं विराजेंगे। उन्होंने बताया कि यह निर्णय कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप और सावधानियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्हेंने बताया कि हिंडोलों को निकालने के लिए काफी लोंगो की मदद ली जाती है, परंतु कोरोना संक्रमण के कारण इस समय एक जगह ज्यादा लोगों को इकट्ठा होना सही नहीं है।
नियमों को ध्यान में रखते हुए ठाकुरजी भावनात्मक रूप से हिंडोलों में विराजेंगे। बाकी सभी हिंडोलो के मनोरथ जारी रहेंगे। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई से घटा शुरू होंगी। इसके सुबह के दर्शन प्रात: 10 सेे 11 बजे तक होंगे और शाम को शयन के समय में कोई भी परिवर्तन नहीं किया है। बाकी सभी दर्शन अंदर ही अंदर होंगे और सेवा का क्रम जारी रहेगा।