मथुरा। शहर कोतवाली के चंदा कॉलोनी में ऑक्सीजन सिलिंडर फटने से एक की मौत और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना से लोगों में भय व्याप्त है। पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। पुलिस घायलों को लेकर अस्पताल दौड़ी। एसपी सिटी, सीओ सिटी और शहर कोतवाल भी मौके पर पहुंच गए।
शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वेदपाल पुंडीर ने बताया कि चंदा कॉलोनी में गुरु गैसेस के मालिक रामवीर ठाकुर ने मकान के बराबर दुकान में ऑक्सीजन सिलिंडर का गोदाम बना रखा है। शुक्रवार को सिलिंडर अचानक फट गया। मरने वालों में गुरु गैसेस के मैनेजर मिर्जापुर निवासी दीपक शामिल हैं। जबकि कर्मचारी जीतू और राहगीर सतीश पंडित घायल हो गए। देर रात तक डीएस हॉस्पिटल में सतीश का ऑपरेशन चल रहा था।
उन्होंने कहा कि घनी आबादी में सिलिंडर का गोदाम गंभीर बात है। मामले की जांच की जाएगी। मौके पर जो लोग मिले वह खुद को रिश्तेदार और किराएदार बता रहे थे। गोदाम मालिक के मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। एसपी सिटी डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि गोदाम से गैस सिलिंडर की सप्लाई की जाती थी। यहां गोदाम बनाने की उन्होंने अनुमति ली या नहीं इसकी जांच की जाएगी। साथ ही सिलिंडर क्यों फटा इसकी जानकारी जांच के बाद ही पता चलेगी।
जोरदार धमाके से दो मकान भी क्षतिग्रस्त
घनी आबादी में ऑक्सीजन सिलिंडर फटने की आवाज इतनी तेज थी कि दो किलोमीटर दूर तक लोग कांप गए। स्थानीय निवासी अरविंद कुमार ने बताया कि धमाका इतनी तेज था कि दो मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। धमाके से लोगों में भय व्याप्त हो गया। आसपास की दुकानें बंद हो गईं और मौके पर लोगों की भीड़ लग गई।
इधर, ऑक्सीजन सिलिंडर फटने के कारण घायल प्रभात नगर निवासी सतीश पंडित पेशे से ड्राइवरी का कार्य करते हैं। धमाके के समय वह दुकान के सामने से गुजर रहे थे। अचानक सिलिंडर फटा और वह चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल के परिजन को पता चला तो उनमें अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन उन्हें लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, यहां देर रात तक उनका ऑपरेशन चल रहा था।
रिफाइनरी के सामने है ऑक्सीजन प्लांट
थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि गुरु गैसेस के मालिक रामवीर सिंह ठाकुर थाना रिफाइनरी के भाहई गांव के मूल निवासी बताए जा रहे हैं। उनका रिफाइनरी के सामने ऑक्सीजन प्लांट भी बताया जा रहा है। उन्होंने मकान में गोदाम बना रखा था। इसकी अनुमति ली या नहीं ली यह जांच में पता चलेगा।
मथुरा न्यूरो में हुआ प्राथमिक उपचार, फिर आगरा रेफर
सिलिंडर फटने से घायल फरह निवासी जीतू को लेकर लोग मथुरा न्यूरो हॉस्पिटल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद परिजन आगरा स्थित पुष्पांजलि हॉस्पिटल के लिए ले गए। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जीतू के एक हाथ और पैर में गंभीर चोट है। इधर, स्थानीय लोगों के अनुसार गोदाम की आड़ में ऑक्सीजन सिलिंडर की रिफिलिंग का कार्य भी होता था। हादसा भी रिफलिंग के कारण ही हुआ है। हालांकि इसकी पुष्टि पुलिस के किसी अधिकारी ने नहीं की।
काफी देर तड़पता रहा एक घायल, लोग बनाते रहे वीडियो
सिलिंडर फटने से घायल एक युवक काफी देर तक सड़क पर तड़पता रहा, लोग उसकी वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने उसे अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई। वीडियो में घायल कौन है इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन स्थानीय लोगों ने बताया कि काफी देर तक वह सड़क पर तड़पता रहा। यदि सही समय पर उसे उपचार मिल जाता तो उसकी हालत गंभीर न होती।
सीसीटीवी फुटेज से खुलेगा सिलिंडर ब्लास्ट का राज
सिलिंडर गोदाम के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इन कैमरों की मदद से ही पुलिस मामले का खुलासा कर सकती है। सिलिंडर फटने का क्या कारण रहा। इसकी जानकारी सीसीटीवी फुटेज से हो जाएगी। यदि स्थानीय लोगों की बात सही है और रिफिलिंग के कारण सिलिंडर फटा है तो गोदाम स्वामी के खिलाफ कार्रवाई तय है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मालिक से संपर्क किया जा रहा है। उनके आने के बाद ही सीसीटीवी फुटेज देखने को मिलेगी। प्रथम दृष्टया ऐसा लग रहा है कि या तो लीकेज के या फिर ऑक्सीजन गैस के अधिक दबाव के कारण सिलिंडर फटा है।
गोदाम के सामने मकान की छत तक पहुंचा सिलिंडर का टुकड़ा
स्थानीय निवासियों ने बताया कि जोरदार धमाके के साथ सिलिंडर के टुकड़े काफी दूर तक बिखरे। गोदाम के सामने 20 मीटर की दूरी पर बने मकान की दो मंजिला छत पर जाकर एक टुकड़ा लगा। सिलिंडर का टुकड़ा दीवार से टकराने के कारण दीवार में गड्ढा हो गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिलिंडर फटने के दौरान आसपास के लोगों ने किस तरह अपनी जान बचाई होगी।