फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Holi 2025: बाबा विश्वनाथ इस बार खेलेंगे कान्हा के आंगन से भेजे गुलाल से होली, काशी भेजा जा रहा ये सामान

Fri, 07 Mar 2025 10:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

होली से पहले मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान से बाबा विश्वनाथ के लिए रंग, गुलाल के साथ पटुका और पिचकारी भेजी जा रही है। लड्डू गोपाल के लिए भी बाबा के दरबार से भस्म और गुलाल आएगा।
 
विज्ञापन
मथुरा और काशी का होगा अद्भुत समागम। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बाबा काशी विश्वनाथ इस बार होली पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि के गुलाल से होली खेलेंगे। वहीं जन्मभूमि के लड्डू गोपाल के लिए भी बाबा के दरबार से भस्म और गुलाल आएगा। इसके लिए 8 मार्च को फाल्गुन शुक्ल नवमी पर भव्य यात्रा के साथ गुलाल व अन्य सामान मथुरा से वाराणसी भेजा जाएगा। इसी तरह वाराणसी से भी यात्रा सामान लेकर मथुरा आएगी। यात्रा को भव्य बनाने के लिए श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन

रंगभरनी एकादशी पर इस बार बाबा काशी विश्वनाथ और भगवती अन्नपूर्णा श्रीकृष्ण जन्मभूमि के गुलाल से होली खेलकर भक्तों को दर्शन देंगे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने कि सुबह 10 बजे श्री राधाकृष्ण युगल सरकार के भाव से गुलाल, पटुका, पिचकारी और गुजिया प्रसाद काशी विश्वनाथ धाम भव्य यात्रा के साथ भेजा जाएगा।

यात्रा भगवान श्री केशवदेव, मां योगमाया, श्री गर्भ गृह और भागवत भवन स्थित श्रीराधाकृष्ण मंदिर में होते हुए श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मुख्यद्वार पर पहुंचेगी। यहां सुसज्जित वाहन में दिव्य होली प्रसाद को लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पूजाचार्य और जन्मस्थान से जुड़े भक्तगण काशी विश्वनाथ धाम जाएंगे। इसी गुलाल से ही 10 मार्च को रंगभरनी एकादशी के दिन बाबा विश्वनाथ भगवती अन्नपूर्णा रंगारंग होली के दर्शन भक्तों को देंगे।

 

दूसरी तरफ बाबा विश्वनाथ दरबार से भी इस बार श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लड्डू गोपाल के लिए भस्म और गुलाल के साथ ही वस्त्र भी आएंगे। रंगभरनी एकादशी पर लड्डू गोपाल को यही गुलाल और भस्म लगाई जाएगी। मथुरा की तरह ही काशी विश्वनाथ से भी सामान लेकर यात्रा मथुरा पहुंचेगी।
विज्ञापन

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार होली का मुख्य आयोजन रंगभरनी एकादशी के दिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि और काशी विश्वनाथ धाम दोनों ही स्थानों में एक ही दिन होता है। सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से काशी विश्वनाथ धाम की इस गुलाल यात्रा में भक्त, ब्रजवासी सम्मिलित होकर इस ऐतिहासिक पुनीत अवसर के साक्षी बन सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें