फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों की अनदेखी कर रही सरकार

Wed, 10 Dec 2014 12:34 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी मंगलवार को गोकुल बैराज पीड़ितों से मिले। पूर्व सांसद ने जिला प्रशासन व राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया।
विज्ञापन

एक नवंबर को गोकुल बैराज पर लाठी चार्ज की घटना के बाद मंगलवार को जयंत चौधरी जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सिकरवार व पार्टी के अन्य लोगों के साथ दामोदरपुरा पहुंचे। यहां चौधरी पीड़ित किसानों व जेल में बंद उनके परिवारीजनों से मिले। इस दौरान उन्होंने कहा कि गोकुल बैराज कांड के एक माह से ज्यादा होने के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया है। इसे लेकर जिला प्रशासन तथा प्रदेश सरकार का रवैया उदासीन है। उन्होेंने जेल में बंद किसानों को रिहा करने तथा मुआवजा दिलाने की मांग प्रदेश सरकार से की।
रालोद जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह सिकरवार ने कहा कि किसानों की सुनवाई न तो प्रदेश सरकार कर रही है और न ही केन्द्र सरकार। किसानों को आधी कीमत पर धान की फसल बेचने को मजबूर किया जा रहा है वहीं खाद के भी लाले पड़ रहे हैं।
विज्ञापन

इस दौरान विधायक पूरन प्रकाश, रविंद्र नरवार, मीडिया प्रभारी पवन चतुर्वेदी, आशीष चतुर्वेदी, धर्मेंद्र चतुर्वेदी, यदुवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
गोकुल बैराज प्रकरण में 60 लाख का नुकसान
 40 दिन पूर्व गोकुल बैराज डूब क्षेत्र के किसानों के मुआवजा की मांग को लेकर आंदोलन के दौरान तोड़फोड़ में 60 लाख से अधिक की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। तीन घंटे तक चले उपद्रव के दौरान चार बस जलाई गईं। गोकुल बैराज परियोजना की कंट्रोल यूनिट इकाइयों को तहस-नहस कर दिया गया। बीमा कंपनियों ने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट पुलिस को भेजी है।
एक नवंबर को गोकुल बैराज के डूब क्षेत्र की जमीन का मुआवजा मांग रहे दामोदरपुरा, औरंगाबाद, रावल और आसपास के सैकड़ों किसान गोकुल बैराज पर सुबह से ही जाम लगाकर बैठ गए थे। जाम को खुलवाने के प्रयास में पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के बाद आंदोलनकारी आक्रोशित हो गए।
उन्होंने दो रोडवेज बस और एक टेंपो में आग लगा दी। दो अन्य बस के शीशे आदि तोड़ डाले। अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया। गोकुल बैराज परियोजना की कंट्रोल यूनिट, भंडार गृह, ऑपरेटिंग यूनिट आदि को तहस-नहस कर देने के नुकसान का आकलन बीमा कंपनियोें से कराया गया। बीमा कंपनियों ने सदर बाजार पुलिस को 60 लाख से अधिक के नुकसान का आकलन कर के दिया है। इसमें अकेले गोकुल बैराज परियोजना कंट्रोल यूनिट में 18 लाख का नुकसान दिखाया गया है।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें