मथुरा। विगत वर्ष गेहूं खरीद में बुरी तरह से पिछड़ी प्रदेश सरकार इस बार अपना गोदाम भरने को तैयार है। उसने बाजार में मूल्य कम करने के लिए ५० लाख टन गेहूं उतार दिया है। इससे किसान सरकारी क्रय केंद्रों तक अपना गेहूं लेकर आएंगे। जनपद में ८३ क्रय केंद्र तैयार हैं। जिन पर एक अप्रैल से खरीद आरंभ होगी।
पिछले वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य २०१५ रुपये था, जबकि बाजार में मूल्य २६०० रुपये प्रति क्विंटल होने से जनपद में ८१ क्रय केंद्रों पर मात्र २६ किसानों से १०५.६५ क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो सकी थी। किसानों ने सरकारी केंद्रों के बजाए निजी व्यापारियों को गेहूं विक्रय कर मुनाफा कमाया था।
इस बार सरकार ने एक माह पहले ३० लाख तथा कुछ समय पूर्व २० लाख क्विंटल कुंतल गेहूं बाजार में उतार दिया है। इससे बाजार में मूल्य २८०० से लेकर २२०० रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है। वर्तमान मेें सरकार ने २१२५ रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य घोषित किया है। माना जा रहा है अप्रैल माह तक गेहूं के मूल्य में और गिरावट आएगी। जनपद में इस बार ८३ खरीद केंद्र तय किए गए हैं, जिन पर एक से ३० अप्रैल तक गेहूं की खरीद की जाएगी।
डिप्टी आरएमओ संतोष यादव ने बताया कि इस बार ५० लाख टन गेहूं बाजार में आने से क्रय केंद्रों पर अच्छी खरीद होने की उम्मीद है।
हुई थी रिकॉर्ड खरीद
वर्ष २०२१-२२ में गेहूं की रिकार्ड खरीद की गई थी। जनपद के २३ हजार ९७१ किसानों से ८७ हजार १६९ मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी।