सपने दिन में देखिए। इन्हें पूरा करने के लिए इतनी मेहनत कीजिए कि रात की नींद उड़ जाए। सपने जब तक पूरे न हाें, जुटे रहिए। पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम का कथन राज्यपाल राम नाईक कुछ इस तरह वेटरनेरी विश्वविद्यालय के छात्रों को समझाया। गुरुवार को उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह अध्यक्षता कर रहे कुलाधिपति राज्यपाल राम नाईक ने छात्रों से कहा कि डा. कलाम खुद इसका अनुसरण करते थे।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने छात्रों से कहा कि परिश्रम का कोई पर्याय नहीं है। जो सो जाता है उसका भाग्य भी सो जाता है। उन्होंने कहा कि भारत कृषि प्रदान देश है, यहां कृषि के विकास से ही देश उन्नति करता है। राज्यपाल ने गाय की उपलब्धता और दूध उत्पादन के बीच बडे़ अंतर पर चिंता जाहिर की।
दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद्र ने छात्रों से कहा कि ये दुनियां चुनौतियों से भरी हुई है। आप में से कुछ वेटरनेरी डाक्टर बनेंगे, कुछ शिक्षक और कुछ साइंटिस्ट। देश में वेटरनेरी चिकित्सकों की बेहद कमी है। आपको दबाव में भी काम करना होगा। देश में अभी भी पशुचिकित्सा क्षेत्र में और संस्थानों की आवश्यकता है। नए संस्थान खुल रहे हैं लेकिन इनमें शैक्षणिक गुणवत्ता की जरूरत है।
विशिष्ट अतिथि प्रदेश के पशुधन मंत्री मोहम्मद जियाउद्दीन रिजवी ने प्रदेश में पशुधन योजना और इसमें सुधार की आवश्यकताओं पर अपने विचार रखे। इससे पहले विवि के कुलपति प्रोफेसर केएमएल पाठक ने विश्वविद्यालय की रिपोर्ट प्रस्तुत की। संचालन रजिस्ट्रार डा. पीके शुक्ला ने किया।