बैंकों में नकदी की किल्लत ने लंबी लाइनों को छोटा जरूर कर दिया है लेकिन मारामारी कम नहीं हो रही है। इन लाइनों में धक्कामुक्की, नोंक-झोंक और हाथापाई अब आम बात हो गई है।
गुरुवार को सुबह से ही लोग बैंकों के बाहर लाइन में लग गए थे। जिन बैंकों में बुधवार को कैश खत्म हो गया था वहां लोगों की लाइन छोटी थी। अब लोगों की भीड़ एटीएम मशीनों के बाहर लग रही है। बैंकों में मौजूद पुलिसकर्मी इस व्यवस्था को संभालने में नाकाफी साबित हो रहे हैं।
इसलिए अब बैंक प्रबंधक प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों की मांग कर रहे हैं।
भारतीय स्टेट बैंक के जिला समन्वयक नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश के बाद धनराशि को सभी बैंकों में समायोजित किया जा रहा है। इससे देहात अंचल की शाखाओं में भी धनराशि पहुंच रही है। जल्द ही और धनराशि आने की संभावना है।
सिंडीकेट बैंक के दो प्रबंधकों को मिली धमकी
अब नोट बदलवाने के लिए बैंककर्मियों को धमकी मिलने लगी है। ऐसे दो मामले गुरुवार को सामने आए। इस पर डीएम और एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई है।
सिंडीकेट बैंक की चौक बाजार शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक अमित विश्नोई ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में अवगत कराया है कि कुशक गली निवासी संजय शर्मा बिना स्याही लगवाए ही अन्य व्यक्तियों के पहचान पत्र पर हजार और पांच सौ के नोट बदलवाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को डरा-धमका रहे हैं।
इसके अलावा सिंडीकेट बैंक राया शाखा में प्रबंधक डीके अग्रवाल ने भी थाने में इस आशय की सूचना दर्ज कराई है कि कुछ लोग उनकी बैंक में नोट बदलवाने के लिए अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक एके प्रसाद ने बताया कि इस मामले में बैंक प्रबंधकों ने उनके यहां शिकायत दी है। मामले से डीएम और एसएसपी कार्यालय को भी अवगत कराया गया है।
बैंककर्मियों से होती रही कहासुनी
बैंकों के बाहर कतारों का क्रम गुरुवार को धर्मनगरी में भी जारी रहा। घंटों लाइन में लगे रहने के बाद यदि लोगों के नोट कैश खत्म होने या अन्य कारण से नहीं बदले गए तो जमकर हंगामा हुआ। बैंककर्मियों और ग्राहकों के बीच कहासुनी तो कई बैंक मेें हुई।
नगर की भारतीय स्टेट बैंक, ओरियंटल बैंक विद्यापीठ व राजपुर शाखा, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक, सिंडीकेट बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, आंध्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक आदि में सुबह से लेकर शाम तक लोगों की कतारें रहीं। दिनभर आपाधापी का माहौल देखने को मिला। कुछ बैंकों के एटीएम चले, कुछ के बंद रहे।
कर्जदार जमा नहीं करा पा रहे किस्त
प्रधानमंत्री रोजगार योजना और मुद्रा बैंक योजना के साथ विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कर्ज लेने वाले लोगों के लिए कर्ज राशि जमा कराने के लिए किसी भी बैंक में अलग से इंतजाम नहीं हैं। रमेश पुजारी ने बताया कि कर्जदार बैंक पहुंच रहे हैं लेकिन उनको भीड़ के चलते वापस ही लौटना पड़ रहा है।
मार्कर से लगाए लोगों के हाथों पर निशान
करेंसी एक्सचेंज के लिए आने वाले लोगों के स्याही लगाने के लिए गुरुवार को भी स्याही की व्यवस्था नहीं हो सकी। ऐसी स्थिति में बैंककर्मियों ने मार्कर से लोगों के हाथों पर निशान लगाया।