गिरिराज नगरी में गुरुवार को गोवर्धन पूजा के लिए भक्तों का अंबार था। यहां देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से गोवर्धन महाराज को भोग अर्पित किए। भारतीय पोशाक में सिर पर माखन, मिश्री, दूध, दही, छप्पन भोग की टोकरियां लिए विदेशी भक्तों को देखकर गिरिराज नगरी भी ठिठक गई। सिर पर व्यंजनों की टोकरी के साथ भक्त भक्ति रस में आकंठ डूब कर झूमते-नाचते गिरिराज पर्वत की ओर बढ़ रहे थे।
गुरुवार को पंच महोत्सव के क्रम में गोवर्धन पूजा के अंतर्गत गिरधारी गौड़ीय मठ से भक्ति वेदांत तीर्थ महाराज और माधव महाराज के सानिध्य में हजारों श्रद्धालु राधाकुंड परिक्रमा मार्ग स्थित राजा वाले मंदिर पहुंचे। यहां व्यंजनों से भरी टोकरी को सजा कर अपने आराध्य गिरिराज को अन्नकूट और छप्पन भोग अर्पित किया।
भक्तों ने गिरिराज शिला का दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद भक्त कृष्ण नाम संकीर्तन पर झूम उठे। गिरधारी लाल शर्मा और नीरज शर्मा ने पूजन कराया। गोवर्धन पूजा में बीते सात साल से जालंधर से अपने लड्डू गोपाल को लेकर आ रही गौरी शर्मा ने बताया कि यहां गोवर्धन पूजा का अलग ही आनंद है। हर बार वह केवल लड्डू गोपाल के साथ आती थी, पर इस बार वह राधा को भी साथ लाई हैं।