मथुरा/गोवर्धन। तत्कालीन राष्ट्रीय लोकदल के विधायक पूरन प्रकाश की निधि से बने यात्री शेड के नीचे पांच मजदूर एक घंटे तक दबे रहे। इनमें से एक ने दम तोड़ दिया। चार जिंदगी बचाने के लिए जूझते रहे, पर न जनप्रतिनिधि आए और न पुलिस और प्रशासन। ग्रामीणों ने खुद अपने ही बूते मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने में जुट गए। क्रेन मंगाई मलवा हटाकर शव और घायलों को निकाला। करीब एक घंटे बाद ही पुलिस पहुंच सकी।
जिस समय हादसा हुआ करीब आठ ग्रामीण मजदूर यात्री शेड के नीचे खड़े थे। जैसे ही शेड गिरा किनारे खड़े लोगों ने तो खुद को बचा लिया। बीच में खड़े लोगों पर शेड की छत गिर गई। वे छत के मलबे मेें दबकर फंस गए। ग्रामीणों ने क्रेन मंगाकर मलबे को हटाया। करीब चार बजे शव निकाला जा सका। पुलिस ने शव को ले जाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि यदि शव हटाया तो लाशें बिछ जाएंगी। पहले मृतक व घायलों की मदद को घोषणा की जाए फिर शव ले जाया जाए। करीब छह बजे तक चले ग्रामीण और पुलिस के बीच कई दफा ऐसी स्थिति भी बनी कि पुलिस को लाठी चलानी पड़ेंगी, पंरतु सूझ-बूझ से मामला उस समय निपटा जब गोवर्धन के तहसीलदार पवन प्रकाश पाठक मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजन को मदद का आश्वासन दिया।
करीब एक घंटेे बाद निकाले नीमगांव खेमचंद पुत्र ननगा की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि उसके नीचे दबे घायल तुलसी पुत्र बत्तीराम, ओमवती पत्नी दुल्ली बघेल, कलुआ पुत्र सौदान और अलियां खां निवासीगण नीमगांव को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसमें तुलसी की इलाज के दौरान देर शाम जिला अस्पताल में मौत हो गई।
तीन घंटे तक सड़क पर डटे रहे सैकड़ों लोग
गोवर्धन। सरकारी विभाग द्वारा विधायक निधि से बने यात्री शेड के गिरने से हुई लोगों की मौत पर ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया। पुलिस ने मृतक के शव को उठाना शुरू किया तो देखते ही देखते लोग सड़क पर उतरकर विरोध करने लगे। लोगों ने अवरोधक डालकर जाम लगाने की कोशिश की। बरसाना की ओर से आ रही जेनर्म की बस को रोक दिया। इसके बाद जाम की स्थिति बनने से रुक गई, लेकिन सैकड़ों लोग सड़क पर डटे रहे। प्रभारी निरीक्षक लोकेश सिंह भाटी के बाद आधा दर्जन से अधिक पीआरवी गाड़ियों से पुलिस बल और सीओ गोवर्धन जितेंद्र कुमार पहुंच गये ।
12 साल में टूट गया सरकारी लिंटर का शेड
एक पक्के यात्री शेड को टूटने में 12 ही साल लगे हैं। पिलर के साथ लिंटर से बनाया गया था।
मृतक बेहद गरीबए रो-रोकर बुरा हाल
मृतक खेमचंद बेहद गरीब था। उसके एक पुत्र है। दूसरा मृतक तुलसी के परिवार की स्थिति भी ठीक नहीं है। बताया गया कि दोनों के पास कोई जमीन भी नहीं है। मेहनत मजदूरी करके काम चलाते थे।
जिला अस्पताल पहुंचे विधायक और एसडीएम
शेड के टूटने के हादसे में जिला अस्पताल विधायक कारिंदा सिंह व एसडीएम गोवर्धन राहुल यादव पहुंच गए। एसडीएम राहुल यादव ने बताया कि दो लोगों की मौत हो गई। सरकारी सहायता राशि के रूप में मृतकों के दोनों परिवोारों को चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे। घायलों को बेहतर इलाज किया जा रहा है। शेड गिरने की तकनीकी जांच कराई जाएगी।