सेना की स्ट्राइक वन कोर के स्वर्ण जयंती कार्यक्रमों की शृंखला जारी है। सोमवार को हेलीपैड ग्राउंड पर जवानों ने साहसिक करतब दिखाए। इसमें कोर के गौरवशाली इतिहास और अतुल्य सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन 1965 के भारत-पाक युद्ध में सम्मिलित पूर्व सैनिक ऑनरेरी कप्तान हरपल सिंह मलिक और रिटायर 17 पूना हॉर्स के नायाब रिसलदार निरंजन सिंह, रिटायर 18 कैवलरी और वीर नारी राजेश देवी ने किया। उनके पति ऑपरेशन विजय कारगिल युद्ध में वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
सैनिकों के अदम्य साहस और वीरता पूर्ण करतब जिसने देखे वह उनका कायल हो गया। हेलीपैड इलाके में आसमान में उड़ते पैराशूट और बुलेट बाइक पर करतब दिखाते राइडर्स की जांबाजी देख लोग ताली बजाने को मजबूर हो गए। इसमें मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल एबी शिवाने रहे।
कार्यक्रम में देश की एकमात्र कैवलरी इकाई ने शानदार घुड़सवारी का प्रदर्शन किया। इसमें लांस दफादार और रंजीत सिंदे ने घोड़ों कोदौड़ाते हुए भाले से तीन-तीन रुमाल उठाए। सेना की प्रसिद्ध टोर्नाडो टीम ने 22 बुलेट बाइकों पर करतब दिखाकर सबका मन मोह लिया। 11 बाइकों पर 115 लोगों को सवारी कराने वाली टीम ने सूर्य नमस्कार, चलती बाइक पर सीढ़ी रखकर करतब दिखाए।
सूबेदार विनोद कुमार ने जलती हुई आग के गोलों से बाइक कुदाई, वहीं पांच बाइकों पर एक दर्जन जवानों ने कमल के फूल की आकृति बनाकर लोगों को हैरत में डाल दिया। सिपाही वर्मीत कुमार, सिपाही वीके यादव, अजीत बनर्जी ने दो बाइकों पर व्हील बीम बनाकर करतब दिखाए। सिक्स मेन बेलेंस, आरसीसी गन बनाना, सुदर्शन चक्र बनाना, व सीढ़ी लगाकर चलती बाइकों पर कमल का फूल बनाया।
सबसे ज्यादा हैरतअंगेज करतब तेज गति में कैंची की तरह की क्रॉसिंग रही। इसे देख दर्शक दांतों तले उंगली दबा गए। पैरामोटर शो में पैराशूटर योगेश पटेल और उनके साथी ने आसमान से पैराशूट उड़ाए और जमीन से टच करते हुए फिर से पैराशूट को आसमान में उड़ा दिया। कार्यक्रम का समापन मिलिट्री बैंड की धुनों से हुआ। आखिर में बनारस से आई डेजर्ट सफारी हेलीपैड पहुंची। यह सफारी देश के अमर शहीद जवानों की याद में जगह जगह जाकर लोगों को देशभक्ति के लिए प्रेरित कर रही है।
सैनिक स्वभाव से जांबाज: शिवाने
सेना की स्ट्राइक वन कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एबी शिवाने ने सेना के दो ट्रेकिंग अभियान को स्ट्राइक वन कोर के मुख्यालय से रवाना किया। पहली टीम में एक अधिकारी, एक जूनियर कमीशन अधिकारी और 10 जवान शामिल हैं। यह टीम उत्तराखंड में ओम पर्वत से आदि कैलाश के बीच की दूरी लगभग 17 दिन में तय करेगी। दूसरी टीम में दो अधिकारी, दो जूनियर कमीशन अधिकारी और 10 जवान शामिल हैं। यह हिमाचल प्रदेश लाहौल से लद्दाख में जंास्कार घाटी के बीच 227 किलोमीटर की दूरी 20 दिनों में तय करेगी। लेफ्टिनेंट जनरल शिवाने ने दोनों टीमों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें स्ट्राइक वन के ध्वज सौंपे। इस दौरान शिवाने ने कहा कि सैनिक स्वाभाव से जांबाज और कठिन कार्यों को करने का आदी होता है। इस प्रकार के अवसरों का उपयोग हमें स्ट्राइक वन के जवानों को और अधिक सक्षम और सुदृढ़ बनाने के लिए करना चाहिए।