मथुरा। जयश्री लंकेश्वर महादेव मंदिर में परलोकवासी देवतुल्य आत्माओं के उद्धारार्थ आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के तीसरे दिन व्यास आचार्य सुधांशु महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ति, संत महिमा और भगवान के प्रति निष्काम भाव का महत्व बताया। कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान भाव के भूखे होते हैं। भगवान हमें देखें या हम भगवान को देखें, कल्याण और उद्धार हमारा ही होता है। जिस प्रकार अग्नि को हम स्पर्श करें या अग्नि हमें स्पर्श करे, जलना हमें ही पड़ता है, उसी प्रकार भगवान के सान्निध्य का लाभ भी भक्त को ही प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि शांति से बड़ा कोई दान नहीं है। कथा के दौरान आचार्य सुधांशु महाराज ने विदुर एवं मैत्रेय ऋषि संवाद, ध्रुव चरित्र, राजा उत्तानपाद की कथा तथा भगवान कपिल के दिव्य चरित्र का विस्तार से वर्णन किया।
इस दौरान हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अनिल शर्मा, अखिलेश शर्मा, ओपी उपाध्याय, ब्रजेश सारस्वत, डॉ. अशोक सारस्वत, राजा दीक्षित, गिर्राज सिंह सिसोदिया, संजय सारस्वत, पार्षद यतेंद्र माहौर, डीसीएफ के पूर्व चेयरमैन कृष्ण कुमार शर्मा मुन्ना भैया आदि मौजूद रहे।