अक्षय ऊर्जा क्षेत्र को अक्षय ऊर्जा प्रणाली और घटकों में डिजायन हेतु इंजीनियरिंग कौशल के साथ-साथ मानव शक्ति की जरूरत है, इसे पूरा करने के जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के एमटेक में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग नए शैक्षिक सत्र से ‘इनर्जी सिस्टम‘ पाठ्यक्रम की शुरुआत कर रहा है।
जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा कम्प्यूटर साइंस एण्ड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक कम्यूनिकेशन एण्ड इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग से एमटेक कराता है। सभी ब्रांचों हेतु प्रवेश शुरू हो चुके हैं। प्रवेश के लिए छात्रों की अच्छी तादाद को देखते हुए इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग नए शैक्षिक सत्र से ‘इनर्जी सिस्टम‘ कोर्स शुरू करने जा रहा है।
प्रतिकुलपति प्रो. आनंद मोहन अग्रवाल ने कहा कि 21वीं सदी में अक्षय ऊर्जा इंजीनियरिंग और प्रोद्योगिकी का सबसे महत्वपूर्ण आवेदन क्षेत्र है। आज के समय में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में काफी प्रगति हो रही है। अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने एवं पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए युवाओं को अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में उतरने की आवश्यकता है।
इस पाठ्यक्रम को उस क्षेत्र में गुणवत्ता सीखने के लिए प्रारंभ किया गया है। यह पाठ्यक्रम ग्रेजुएट और पोस्ट गे्रजुएट दोनों स्तरों के लिए है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रभारी संजय कुमार मौर्या ने बताया कि अच्छे छात्रों को एमटेक हेतु बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने आकर्षक स्कॉलरशिप व्यवस्था रखी है, जिसमें गेट पास छात्रों को 1 लाख 33 हजार तथा अन्य छात्रों के लिए 1 लाख 5000 रूपये की स्कॉलरशिप व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि एमटेक ‘इनर्जी सिस्टम‘ पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए बीटेक इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस, मेकेनिकल इंजीनियरिंग एवं एमएससी फिजिक्स के छात्र आवेदन कर सकते हैं।