कभी चश्मा तोड़ देते हैं तो कभी हाथ से खीने पानी की वस्तुएं छीन लेते हैं। पर्स भी छीन लेते हैं। हमला करके घायल कर देते हैं। पिछले साल होली गेट पर बंदर ने रुपयों से भरा बैग छीन उसमें सड़क पर फैला दिए थे। कुछ लोग रुपये लेकर फरार भी हो गए थे।
बंदरों को पकड़ने की नहीं मिलती है परमीशन
सबसे बड़ी दिक्कत यह भी हो रही है कि अब वन विभाग बंदरों को पकड़ने की अनुमति भी नहीं दे रहा है। चंबल समेत अन्य स्थानों पर बंदरों के खाने पानी की सुविधा न होने के कारण बंदर नहीं पकड़े जा रहे हैं।
नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया कि वन विभाग से अनुमति लेने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जब तक मंकी सफारी नहीं बनेगी, समस्या का समाधान नहीं होगा। मंकी सफारी के लिए सांसद हेमा मालिनी संसद में भी अपनी बात कह चुकी हैं।