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Mathura News: लल्ला के जन्म की खुशी में लुटाए गए उपहार

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मथुरा। राधा दामोदर लाल मंदिर में श्रद्धालुओं पर लाला की छीछी बरसाते सेवायत।  - फोटो : mathura
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वृंदावन। भगवान श्रीकृष्ण के 5252वें जन्मोत्सव के बाद ब्रजभूमि में नंदोत्सव की धूम रही। रविवार को वृंदावन के मंदिरों में भक्तों ने नंदोत्सव मनाया। यशोदानंदन के धरा अवतरण पर ब्रज में चहुंओर आनंद छा गया। नंदोत्सव में शामिल भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर में आयोजित महोत्सव में अनूठा रस बरसा। पर्व पर मंदिर सेवायतों द्वारा लुटाए जा रहे उपहार आराध्य के प्रसादी उपहार लूटने एवं लाला की छीछी में सराबोर होने के लिए भक्त लालायित रहे। पीले रंग की पोशिश, सुगंधित पुष्प व गुब्बारे आदि से बड़े ही मनमोहक ढंग से सजाए गए मंदिर परिसर में गोस्वामी तथा भक्त उत्साह में डूबकर नाचते-गाते अपने आराध्य के जन्म की खुशी में तल्लीन होकर एक अनुपम नजारा पेश किया।
इस मौके पर श्रीबांकेबिहारीजी महाराज ने मंदिर गर्भगृह से बाहर पधारकर जगमोहन में सजाए गए भव्य स्वर्ण रजत सिंहासन पर विराजकर भक्तों पर कृपा बरसाई। पर्व पर आराध्य को पीले रंग की पोशाक एवं रत्नजडित स्वर्णाभूषण धारण कराए गए। नंदोत्सव में सेवायतों के साथ-साथ तमाम भक्तजनों ने भी रुपये, कपड़ा, बर्तन, खिलौना, फल, मेवा, मिठाई इत्यादि लुटाकर अपनी प्रसन्नता जाहिर की। वहीं, ठाकुरजी को छप्पनभोग अर्पित किए गए।
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अनेक भक्तों ने बांकेबिहारी को कुर्ता-टोपी-झवला सहित छोटे बच्चों के वस्त्र व चांदी-सोने के खिलौने, झुनझुने, पालने आदि अर्पित किए। सेवायत आचार्य विप्रांश बल्लभ गोस्वामी ने बताया कि मान्यतानुसार इस दिन आराध्य को बच्चों के वस्त्र व खिलौने अर्पित करने वाले निसंतान दंपतियों को सेवाभावी संतान की प्राप्ति होती है।


राधा दामोदर मंदिर में लुटाई बधाई
ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में नंदोत्सव मनाया। यहां भी उपहार लुटाए गए। गोपी स्वरूप ब्रजवासी महिलाओं द्वारा नंदोत्सव की बधाई का गायन किया गया। मंदिर के बड़े गुसाई आचार्य कनिका प्रसाद गोस्वामी और अंगसेवी दामोदर चंद्र गोस्वामी द्वारा बधाई लुटाई गई। बधाई लुटने के लिए दूरदराज से आए भक्तों के होड़ मची रही। सेवायत दामोदर चंद्र गोस्वामी ने बताया कि हर वर्ष मंदिर में ठाकुरजी भक्तों पर ऐसे ही कृपा बरसाते हैं। लाला की छीछी स्वरूपी दही और हल्दी का मिश्रण को लेने के लिए श्रद्धालु मंदिर आते हैं।

अन्य मंदिरों में दिखा उत्साह
राधारमण मंदिर और ज्ञान गुदड़ी स्थित प्राचीन कांच का मंदिर में नंदोत्सव में उत्साह देखने को मिला। कांच मंदिर के सेवायत हरि लाडली किशोर गोस्वामी ने भक्तों को उपहार लुटाए। कुंजगली स्थित दाऊजी नंदभवन में नंदोत्सव का उल्लास दिखाई दिया। सेवाधिकारी बृजेश शर्मा और उमेश शर्मा ने भक्तों को विविध उपहार वितरित किए।

क्या है नंदोत्सव की परंपरा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अगले दिन जब उनका स्वागत नंद बाबा के घर गोकुल में हुआ, तब पूरे गांव में उत्सव मनाया गया। इसी खुशी में हर साल जन्माष्टमी के अगले दिन नंदोत्सव मनाया जाता है जिसमें विशेष रूप से उपहार बांटना और भोग लगाना प्रमुख परंपराएं हैं।
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