शिक्षा की ललक लिए केआर कालेज की छात्राएं घर से निकलती हैं लेकिन कालेज के गेट तक पहुंचते-पहुंचते सड़क पर पसरे कूड़े की दुर्गंध मन को विचलित कर देती है।
ये हाल रोज का है। स्वच्छता अभियान में पालिका-प्रशासन ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था लेकिन अब पूरी व्यवस्था मानो तमाशबीन बन गई है।
भैंसबहोरा स्थित केआर गर्ल्स इंटर कालेज के गेट के निकट ही डलावघर है। यहां बने नाले भी आए दिन ओवर फ्लो हो जाते हैं। सुबह स्कूल खुलने के साथ ही जो दृश्य आंखों के सामने आता है वो आपको भी परेशान कर देगा।
यहां छात्राएं नाक पर रुमाल रखकर गंदगी के ढेर के बीच से गुजरती हैं। सड़क पर बह रहे नाले के पानी से होकर गुजरने के दौरान जरा सी चूक मुसीबत बन जाती है। दिलचस्प बात यह है कि स्वच्छ भारत अभियान में ताल से ताल मिलाने का दावा करने वाले पालिका-प्रशासन के अफसरों को यह सब नजर ही नहीं आता है।