जवाहर बाग में पुलिस पर हमले के सूत्रधार रामवृक्ष यादव के करीबी राकेश गुप्ता, वीरेश यादव और चंदन बोस पर गैंगेस्टर लगा दी गई है। यह तीनों तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ फरह संतोष यादव की हत्या में भी नामजद हैं। इनके खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार हो रही है।
दो जून को जवाहर बाग खाली कराने के दौरान भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया था। इसमें तत्कालीन एसपी सिटी और थानाध्यक्ष फरह की मौत हो गई थी। 50 से ज्यादा पुलिस वाले घायल हो गए थे। इस दौरा झोपड़ियों में आग लगने से इस हमले के सूत्रधार रामवृक्ष यादव की मौत हो गई थी, जबकि रामवृक्ष के कमांडरों में शामिल राकेश गुप्ता, वीरेश यादव और चंदन बोस को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस पूछताछ के दौरान इन लोगों ने रामवृक्ष के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। कहां से पैसा आता था और जवाहरबाग में कौन कौन लोग आते थे। नेटवर्क को किस तरह से खड़ा किया गया और किस तरह से भीड़ को जवाहर बाग में बुलाया था। अब पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई कर दी है।
पुलिस ने गैंगेस्टर के लिए जो रिपोर्ट बनाई थी उसमें कहा कि यह तीनों रामवृक्ष के लिए काम करते थे। जवाहर बाग में जाने वाले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हुए हमलों में भी यही लोग शामिल थे। अब पुलिस इनके खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बना रही है।