गंगा के धरती पर अवतरण का पर्व गंगा दशहरा मंगलवार को भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही यमुना के विश्राम घाट सहित सभी घाटों पर भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। दूर-दूर से आए लोगों ने यहां यमुना में स्नान कर विधि-विधान से पूजा अर्चना की। इसके बाद मंदिरों में दर्शन कर गरीब, असहाय लोगों को दान देकर पुण्य अर्जित किया।
हस्त नक्षत्र में गंगा दशहरा पर्व होने के कारण लोगों में सुबह से ही गजब का उत्साह रहा। भोर से ही यमुना के घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों पर श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई देने लगी। यमुना के पवित्र विश्राम घाट पर स्नान करने वालों में महिलाओं और बच्चों की संख्या अच्छी खासी थी।
स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यमुना का दुग्धाभिषेक और जलाभिषेक किया। विश्राम घाट स्थित यमुना महारानी मंदिर पर विशेष फूलबंगला सजाया गया। भक्तों ने प्राचीन द्वारिकाधीश मंदिर में दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
श्रीमाथुर चतुर्वेद परिषद की ओर से कार्यालय पर कैंप लगाया गया। इसमें जनहित की सूचनाओं का लगातार प्रसारण किया गया। इस दौरान उपाध्यक्ष योगेंद्र कुमार चतुर्वेदी, राकेश तिवारी, कमल चतुर्वेदी, ब्रजेश, संजीव, अमित चतुर्वेदी, अनुराग चतुर्वेदी आदि थे। तीर्थ पुरोहित महासंघ ने यमुना में स्नान करते समय नाव के जरिए लोगों की निगरानी की। इस अवसर पर प्रयागनाथ चतुर्वेदी, कांतानाथ चतुर्वेदी, धर्मयात्रा महासंघ के मदन मोहन श्रीवास्तव, श्याम सुंदर अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, ललित स्वामी, देवदत्त, अमित भारद्वाज आदि थे।
अफसरों ने लिए यमुना जल के नमूने
गंगा दशहरा के अवसर पर यमुना कार्ययोजना के नोडल अफसर व एडीएम वित्त एवं राजस्व रविंद्र कुमार के निर्देशन में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने यमुना में अलग-अलग स्थानों से जल का नमूना लिया। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष मनीषा गुप्ता, नगर मजिस्ट्रेट रामअरज यादव, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी वीके अस्थाना, सहायक अभियंता एसआर मौर्या आदि मौजूद रहे।
पतंगों से रंगीन हुआ आसमान
गंगा दशहरा पर सुबह से ही पतंगबाजी शुरू हो गई। साप्ताहिक अवकाश के चलते बड़ी संख्या में लोग छतों पर जम गए। ये खेल दिन भर चला, दोपहर बाद पतंगबाजी का शौक अपने शिखर पर पहुंच गया। छतों पर लोगों के हुजूम और बार-बार बो-काटा के स्वरों से माहौल गूंजता रहा।
जगह-जगह शर्बत से किया स्वागत
गंगा दशहरा पर ब्रजवासियों ने जगह-जगह लोगों के स्वागत के लिए शर्बत की प्याऊ लगाई। सेवा का ऐसा जज्बा कि राहगीरों को रोक-रोक कर शर्बत पिलाया गया। इससे पूर्व सुबह से ही जलेबी, कचौड़ी की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगी रही।