गंगा दशहरा का पर्व गुरुवार को जिले में भी परंपरा के अनुसार मनाया जाएगा। इसके लिए श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह है। मान्यता है कि इस दिन यमुना स्नान से दस तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है।
ज्योतिषाचार्य कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि गंगा अवतरण दशहरा के दिन गंगाजी का ध्यान कर यमुना सहित अन्य नदियों में स्नान से पुण्य अर्जित होता। दस गोते लगाने दस प्रकार के पापों का नाश होता है। ज्योतिष ग्रंथ, धर्म शास्त्र, स्कंद पुराण, बाल्मीकि रामायण आदि ग्रंथों में त्रेता युग में दस योगों का उल्लेख है इसमें ज्येष्ठ माह, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, बुधवार, हस्त नक्षत्र, व्यतिपात योग, गरकरण, आनंद योग, कन्या के चंद्रमा, वृष के सूर्य थे।
इन सभी दस योगों में से इस बार गुरुवार को सिद्धि योग में सात योगों का संयोग बन रहा है। इनमें ज्येष्ठ माह, शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि, हस्त नक्षत्र, गरकरण, कन्या के चंद्रमा और वृष के सूर्य योग मौजूद रहेंगे।
इस लिए मनाया जाता है गंगा दशहरा
ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष, दशमी तिथि को देव नदी गंगाजी को राजा भागीरथ अपने 60 हजार पूर्वजों के उद्धार के लिए धरती पर लाए थे। जिले में इस दिन यमुना के तट विश्राम घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान करते हैं।
पतंगबाजी के शौकीनों का दिन
मथुरा। गंगा दशहरा के दिन यमुना स्नान, नाश्ते में जलेबी और कचौड़ी और छत पर पतंगबाजी के आनंद का योग परंपरा का हिस्सा है। इस दिन सुबह से ही आसमान पर रंगबिरंगी पतंगें छा जाती हैं। बुधवार को खारी कुंआ, भरतपुर गेट, चौक बाजार, महोली रोड आदि क्षेत्रों में पतंग की जमकर खरीददारी की गई।