मथुरा। डीजल की बढ़ती कीमतों से परिवहन लागत में हो रहे इजाफे के बीच ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने माल भाड़े में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की मांग उठाई है। पिछले लंबे समय से ढुलाई पुराने दरों पर की जा रही है, जबकि डीजल, टोल टैक्स, वाहन रखरखाव और अन्य खर्चों में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
वर्तमान समय में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने मौजूदा भाड़ा दरों पर कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है। बढ़ती लागत के कारण वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्ट संचालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। छोटे छोट नगों पर लोग 20-25 रुपये देने में भी आना-कानी कर रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि परिवहन क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए माल भाड़े में कम से कम 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाए। उनका कहना है कि समय रहते कोई निर्णय नहीं लिया गया तो ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित होने के साथ माल आपूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
डीजल की बढ़ती कीमतों के बावजूद माल ढुलाई पुराने भाड़े पर की जा रही है। ट्रांसपोर्ट कारोबार में माल भाड़े में 10 प्रतिशत वृद्धि होनी चाहिए। कारोबार घाटे में पहुंच गया है। - कपिल चौधरी, ट्रांसपोर्ट कारोबारी
डीजल, टोल और रखरखाव खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद माल ढुलाई की दरों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। सरकार को स्वयं 10 प्रतिशत भाड़ा बढ़ाने की घोषणा करनी चाहिए। - पिंकू सिंह, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी