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जायदाद हथियाने के लिए अपने बने दुश्मन

Fri, 11 Sep 2015 11:27 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला वृंदावन
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सिर से मां बाप का साया क्या उठा चारों बच्चियों के रिश्तेदार की दुश्मन हो गए। तेरह बीघा जमीन हथियाने के लिए बच्चियों की जान खतरे में है। खतरा भांपकर 13 वर्षीय बालिका अपनी तीन छोटी बहनों के साथ वृंदावन स्थित पिता के मित्र के यहां चली आई। उनके साथ सुरक्षा की गुहार लगाने थाने पहुंचीं बच्चियों को बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया है।
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वाकया कोतवाली छाता के गांव बेहरा का है। बेहरा गांव निवासी 13 वर्षीय मीनू ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2010 में पिता शंकर की संदिग्ध अवस्था में ट्रैक्टर से गिरकर मौत हो गई। मां इंद्रवती बड़ी बेटी मीनू के अलावा तीन छोटी बेटियों संजू, कविता और वंदना का पालन कर रही थीं। 2013 में इंद्रवती की संदिग्ध हालात में विशाक्त पदार्थ खाने से मृत्यु हो गई। बच्चियों के परिवारीजन तेरह बीघा जमीन, 50 हजार रुपये की चार बैंक एफडी और कई लाख रुपये की बीमा पालिसी छोड़ गए हैं।

बच्चियों अनुसार मां और बाप का सिर से साया उठने के बाद से ही अपने करीबी रिशेदार जायदाद के लिए उनके दुश्मन हो गए। मीनू ने बताया कि उसके चाचा कागजों पर हस्ताक्षर कराकर एफडी, बीमा पालिसी लेने की कोशिश कर रहे हैं। बताया कि रिश्तेदार तेरह बीघा जमीन पर भी कब्जा करने के लिए उन चारों के साथ कुछ भी कर सकते हैं।
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जान का खतरा भांपकर तीन दिन पूर्व मीनू अपनी तीनों बहनों के साथ पिता के मित्र रामहेत शर्मा के घर गोपालखार वृंदावन चली आई। रामहेत ने बच्चियों के साथ जाकर शुक्रवार को कोतवाली प्रभारी से मामले की शिकायत की। कोतवाली पहुंची बाल कल्याण संरक्षण गृह की सदस्या प्रतिभा शर्मा ने इन बच्चियों को बल संरक्षण गृह भेजा है। प्रतिभा शर्मा ने कहा कि वह बच्चियों के लिए हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।
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