एसपी सिटी और थानाध्यक्ष समेत 29 लोगों के खून से सने जवाहरबाग को सुंदर बनाने के प्रोजेक्ट में ही घपला कर डाला। पार्क के सुंदरीकरण का काम बगैर टेंडर के ही शुरू करा दिया गया है। निर्माण निगम ने लखनऊ के दो ठेकेदारों को काम दिया है। एक ठेकेदार को तो काम शुरू होने के साथ ही 25 लाख रुपये पेमेंट भी कर दिया गया है। निर्माण निगम के अफसर कह रहे हैं कि हमारे यहां छोटे कामों का टेंडर नहीं होता है। हकीकत यह है कि चारदीवारी का काम ही पचास लाख का है। निर्माण का काम भी शुरू करा दिया गया है।
जवाहरबाग 247 एकड़ में फैला हुआ है। इस पर मार्च 2014 में रामवृक्ष ने कब्जा कर लिया था। दो जून 2016 को जब कब्जाधारियों से पुलिस इसे मुक्त कराने पहुंची तो हिंसा हो गई। जिसमें तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव की जान चली गई थी। रामवृक्ष यादव समेत 27 कब्जाधारी भी मारे गए थे। कब्जाधारियों ने जवाहरबाग को चौपट कर दिया था, लिहाजा शासन ने इस पार्क को सुंदर बनाने के लिए प्लान तैयार किया। शासन ने अगस्त 2016 में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। 66 करोड़ का प्रोजेक्ट फाइनल किया गया। निर्माण निगम को सुंदरीकरण का काम दिया गया है, लेकिन निर्माण निगम ने बगैर टेंडर कराए ही लखनऊ के दो ठेकेदारों से काम शुरू करा दिया है। दोनों ही ठेकेदार लखनऊ के एक बड़े अफसर के करीबी बताए जा रहे हैं।
जल्द टेंडर कराए जाएंगे
राजकीय निर्माण निगम के स्थानीय अभियंता एचबीसी ने बताया कि अभी जवाहरबाग में छोटे छोटे काम शुरू कराए गए हैं। छोटे कार्यों का टेंडर नहीं कराया जाता है, क्योंकि अब बड़ा काम शुरू होगा लिहाजा विधिवत रूप से टेंडर निकाले जाएंगे। पूरी पारदर्शिता के साथ जवाहरबाग के सुंदरीकरण का काम कराया जा रहा है।
लोहिया पार्क की तर्ज पर होगा तैयार
वाकिंग ट्रैक बनेगा, झूले लगाए जाएंगे, फव्वारे बनाए जाने हैं, दो आकर्षक गेट बनेंगे, आकर्षक लाइटिंग होगी, बाउंड्रीवाल तैयार होगी, फलदार पौधे लगाए जाएंगे, कई किस्मों के फूल लगेंगे, नए नलकूप भी बनाए जाएंगे, घास का मैदान भी तैयार होगा।
66 करोड़ का कुल प्रोजेक्ट
15.93 करोड़ की मंजूरी पहले चरण में
9 करोड़ का काम दूसरे चरण में होगा
41 करोड़ का काम तीसरे चरण में होगा