अभी ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजे का वितरण शुरू ही हुआ कि गड़बड़झाला सामने आ गया। किसानों का नुकसान अधिक हुआ और चैक कम मुआवजा राशि के बांट दिए। गुरुवार को चैक वितरण के समय विधायक ने इस पर सवाल भी उठाए थे। अब हंगामा अधिक होने लगा तो डीएम राजेश कुमार गांव पहुंचे और किसानों से चैक वापस लेकर पुन: चैक तैयार कराने की बात कही।
गुरुवार को गांव वंशै में कमिश्नर प्रदीप भटनागर ने 419 ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को चैक वितरित किए थे। मुआवजा निर्धारण और राहत राशि को लेकर क्षेत्रीय विधायक पूरन प्रकाश ने तीखा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के पास अधिक जमीन है उन्हें मात्र 1500 से 3500 तक के चेक बांटे जा रहे हैं। इसके अलावा बाकी पर खेत करने वालों का नाम नहीं है और जो ओलावृष्टि में घायल हुए जिनके पशु मरे और जिनका अन्य नुकसान हुआ है उनका कहीं पर विवरण नहीं है।
शुक्रवार की सुबह प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा गांव वंशै पहुंच गए। किसानों ने बताया कि मुआवजा तय करने में मनमानी की गई है। फजीहत होती देख प्रशासन में खलबली मच गई। इसके बाद जिलाधिकारी राजेश कुमार उपजिलाधिकारी चन्द्रविजय वंशै गांव पहुंच गए और किसानों को दिए गए 419 चेक वापस ले लिए। जिलाधिकारी ने बताया कि इन्हें निरस्त कर दूसरे चैक दिए जाएंगे। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लेखपाल श्याम नारायण ने मिलीभगत के चलते ऐसा किया है। किसान जगवीर सिंह, पोहप सिंह, राजू, गनपत सिंह, हरिओम, बच्चू सिंह, जगवीर सिंह, केशवदेव, बलवीर सिंह, तेजवीर सिंह आदि से चैक वापस लिए गए हैं।
गांव वंशै के 10-15 किसानों ने मुआवजे की धनराशि कम होने की शिकायत की थी। इस पर सभी चैक वापस लेकर जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया लेखपाल की गड़बड़ी सामने आई है। इस पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
राजेश कुमार, डीएम, मथुरा