मथुरा। साइबर ठगों ने पूर्व नगर आयुक्त जग प्रवेश की पत्नी के नाम से छह क्रेडिट कार्ड बनवाकर 46.31 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी। जालसाजों ने फर्जी दस्तावेज लगाकर क्रेडिट कार्ड बनवाए और पता गलत दर्ज करा दिया। टैक्स की जांच में राज खुलने के बाद सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दर्ज कराई प्राथमिकी में पूर्व नगर आयुक्त की पत्नी ने बताया कि आयकर विभाग की टैक्स इंफॉर्मेशन समरी (टीआईएस) देखने पर पता चला कि उनके पैन कार्ड का अनधिकृत उपयोग कर छह क्रेडिट कार्ड जारी करा लिए गए। इनमें से तीन कार्डों के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 46.31 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया। इन कार्डों पर दर्ज पता, ई-मेल आईडी और हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी हैं एवं उन्होंने कभी भी ऐसे किसी कार्ड के लिए आवेदन नहीं किया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि साइबर जालसाजों ने उनकी पहचान की चोरी (आइडेंटिटी थेफ्ट) कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और बैंकों को गुमराह कर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। उनकी शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ सदर वरुण मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच जारी है। तकनीकी साक्ष्यों को एकजुट किया जा रहा है। जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
द्वारिकाधीश मंदिर कर्मचारी के बैंक खाते से उड़ाए 5.22 लाख
मथुरा। जालसाजों ने द्वारिकाधीश मंदिर के कर्मचारी के बैंक खाते से 5.22 लाख रुपये एक झटके में पार कर दिए। मोबाइल में ट्रांजेक्शन का संदेश आने के बाद पीड़ित को ठगी की भनक लगी। उन्होंने साइबर थाने से प्राथमिकी दर्ज करा मदद की गुहार लगाई है। कोतवाली क्षेत्र के भैंस बहोरा किशन टीला निवासी विपिन कुमार सैनी ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि उनका बैंक ऑफ बड़ौदा की डैंपियर नगर शाखा में खाता है। 19 जुलाई की शाम जब उन्होंने मोबाइल पर आए बैंक संदेश देखे तो पता चला कि 18 जुलाई को उनके बैंक खाते से कुल 5.22 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि उन्होंने न किसी को रकम भेजी और न ही यूपीआई या एटीएम का इस्तेमाल किया। बावजूद इसके उनका बैंक खाता खाली हो गया। घटना के बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है। साइबर थाना प्रभारी रफत मजीद ने बताया कि जिस बैंक खाते में रकम ट्रांसफर हुई है, उसकी जांच की जा रही है। संवाद