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बर्बादी देख चार किसानों ने तोड़ा दम

Tue, 31 Mar 2015 11:47 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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कोतवाली छाता क्षेत्र के गांव तरौली जनूबी में बरसात से बर्बाद हुई फसल देख कर एक किसान की सोमवार शाम सदमे से मौत हो गई। रविवार और सोमवार को तेज बारिश के बाद गांव तरौली जनूबी निवासी किसान राधाचरन (48) पुत्र बदन सिंह सोमवार शाम को खेत पर गए थे।
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वहां बर्बाद हुई फसल को देख उन्हें चक्कर आ गए और वे वहीं गिर गए। पड़ोसी किसान और परिवारीजन राधाचरन को गांव लाए। हालत गंभीर देख कर डॉक्टर ने उन्हें मथुरा ले जाने की सलाह दी। मथुरा ले जाते समय राधाचरण ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

मृतक के परिवारीजनों ने इसकी सूचना एसडीएम और तहसीलदार को दी। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। एसडीएम के निर्देश पर  किसान के शव को पोस्टमार्टम के  लिए भेजा है। एसडीएम सुरेंद्र सिंह चाहर का कहना है कि किसान की मौत सदमे से हुई या बीमारी से यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चलेगा। प्रथम दृष्टया किसान की मौत बीमारी से हुई प्रतीत हो रही है।
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बाली में बहुत कम दाने देख लगा सदमा
गांव तुलागढ़ी में बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसल देख कर सोमवार को किसान गोपाल प्रसाद (70) की मौत हो गई। परिवारीजनों के अनुसार खेत पर वह गेहूं की बाली को कुचल कर गेहूं के दाने गिनने लगे, बाली में बहुत कम दाने देखकर उन्हें सदमा लग गया। परिवारीजन उन्हें अस्पताल ले जा रहे थे, रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। लोगों ने बताया कि गोपाल प्रसाद ने 30 बीघा खेत डेढ़ लाख रुपये में एक वर्ष के लिए लिया था। तहसील में सूचना के बाद लेखपाल मामले की जांच कर रहे हैं।


झरौठा और छौली में एक-एक किसान की मौत
फसल चौपट देख गांव छौली और झरौठा मेें एक-एक किसान की सदमे से मौत हो गई। गांव छौली में किसान साहब सिंह (58) पुत्र रेशम सिंह सोमवार शाम खेत पर गए थे। परिवारीजनों के अनुसार फसल बर्बाद देखकर उन्हें अटैक पड़ गया और खेत पर ही उनकी मौत हो गई। रात तक जब वह घर नहीं लौटे तो परिवारीजन उन्हें ढूंढने खेत पर गए। वहां वह मृत अवस्था में मिले।

सूचना पर एसडीएम महावन, तहसीलदार और कानूनगो ने पहुंच कर मुआयना किया। उन्होंने किसान बीमा के तहत पांच लाख रुपये और प्रदेश सरकार द्वारा घोषित मुआवजा व सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। किसान की मौत पर भाकियू के जिलाध्यक्ष बुद्धा सिंह, राजकुमार सिंह तोमर और भाकियू भानू के जिलाध्यक्ष रीतिराम सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। इधर, गांव झरोठा में भरत सिंह (62) पुत्र हुकम सिंह भी बरबाद फसल देखकर खेत पर ही बेहोश होकर गिर गए। कुछ देर में उन्होंने दम तोड़ दिया। किसान नेताओं ने जिला प्रशासन से किसान के परिवारीजनों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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