मथुरा। जिला अस्पताल में पिछले दो दिन में चार लोगों की मौत हो गई। तीन लोगों की मौत का कारण तेज बुखार और एक की मौत का कारण सांस लेने में तकलीफ था। इनमें से तीन लोग शहर के हॉटस्पॉट इलाके के रहने वाले थे। कोरोना वायरस के दौर में कोरोना के संदिग्ध लक्षणों से चार मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं खुल रही है। मृतकों के परिजनों तथा संपर्क में आए लोगों को न तो क्वारंटीन किया गया और न ही उनके सैंपल लिए गए। हालांकि इस मामले का डीएम ने संज्ञान लिया है और सीएमओ से रिपोर्ट मांगी है।
शहर के हॉटस्पॉट राधिका विहार सौंख रोड निवासी एक वृद्धा को तेज बुखार होने पर रविवार की सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वृद्धा कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आई थी। वृद्धा का कोरोना सैंपल भी लिया गया। इसी प्रकार भरतपुर गेट वाल्मीकि बस्ती निवासी एक व्यक्ति को भी तेज बुखार होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीमारी के चलते वृद्धा और वाल्मीकि बस्ती निवासी व्यक्ति की मृत्यु हो गई। वृद्धा का कोविड-19 के प्रोटोकॉल के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।
इसके अलावा बुखार और सांस लेने में तकलीफ के चलते मोक्षधाम के एंबुलेंसकर्मी को अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक का कोई परिजन यहां न होने के कारण मोक्षधाम की संचालन समिति द्वारा उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद हॉटस्पॉट क्षेत्र छत्ता बाजार निवासी 56 वर्षीय व्यक्ति की मंगलवार की शाम बीमारी के कारण मौत हो गई। डॉक्टर इनकी मौत का कारण पैरालिसिस और ब्रेन स्ट्रोक बता रहे हैं। जिला अस्पताल में लगातार चार मौतों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना है।
मंगलवार की रात यह मामला जब जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र की जानकारी में आया तो उन्होंने सीएमओ डॉ. संजीव यादव से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी। बुधवार को जिला अस्पताल के कर्मचारी जानकारी एकत्र करने में जुटे रहे। जिलाधिकारी ने बताया कि दो दिन में चार लोगों की मौत का मामला गंभीर है। किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।