जिले में भूगर्भ जल का स्तर तेजी से गिर रहा है। जिले के चार ब्लॉक डार्क जोन में हैं। इस चिंताजनक स्थिति से निपटने के लिए चेक डैम और तालाबों की खोदाई के साथ आम लोगों को जागरूक करने की दिशा में कार्य होना चाहिए।
राजीव भवन के सभागार में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल और स्वच्छता जागरूकता सप्ताह के अंतिम दिन आयोजित कार्यशाला में सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि फरह, नौहझील, राया और बलदेव ब्लॉक डार्क जोन में हैं। इन ब्लॉक में लघु सिंचाई विभाग वाटर रिचार्ज के लिए ज्यादा से ज्यादा चेक डैम बनाने पर काम करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि मनरेगा के तहत खोदवाए गए तालाबों और पारंपरिक तालाबों में हमेशा पानी भरे रहना सुनिश्चित करें।
सीडीओ ने कहा कि सभी अधिकारी जल को संरक्षित और सुरक्षित रखने व पानी की एक-एक बूंद के महत्व के बारे में लोगों को बताएं। पानी को सुरक्षित रखना, सुरक्षित जल श्रोतों से ही जल का प्रयोग करना, शोधन के बाद ही पेयजल का उपयोग करना, जल संरक्षण, समुदाय आधारित जल श्रोतों का संचालन और रख-रखाव के बारे में अधिकारी अभियान चलाकर जानकारी दें।
उन्होंने टीटीएसपी योजना के तहत बनी टंकियों की जल निगम के अधिकारियों द्वारा रोजाना निगरानी की बात कही। जिन हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं है, उन पर लाल निशान लगाने को कहा।
कार्यशाला में सूचना विभाग के तत्वावधान में ब्रज जागृति रंग मंडल ने मनोरंजक कार्यक्रम के माध्यम से जल के महत्व को बताया। जिला विकास अधिकारी उमेश कुमार त्यागी, परियोजना निदेशक डीआरडीए डा. एके बाजपेयी, बेसिक शिक्षाधिकारी अशोक कुमार सिंह, पंचायतराज अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद यादव, विकास विभाग के प्रशासनिक अधिकारी अशोक वर्मा सहित जल निगम, लघु सिंचाई, स्वास्थ्य आदि विभागों के अधिकारी कार्यशाला में उपस्थित रहे।