मथुरा के सदर बाजार में घुसा बाढ़ का पानी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से रविवार को मथुरा के सदर बाजार में बाढ़ का पानी घुस गया। बाजार की सड़कों पर जगह-जगह पानी भर जाने से स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रविवार सुबह 8 बजे तक यमुना का जलस्तर 167.45 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 166 मीटर से 1.45 मीटर अधिक है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से यमुना से सटे निचले इलाके डूब गए हैं। बाजार में लोगों को भी घुटनों तक पानी से होकर निकलना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, जिससे बाढ़ का पानी देर तक सड़कों पर जमा हो जाता है। प्रशासन ने लोगों से निचले इलाकों में सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है।
खडैरा घाट पर शिव मंदिर तक पहुंचीं यमुना
बलदेव में खडैरा घाट पर यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। घाट किनारे बने शिव मंदिर तक पानी पहुंच गया है और श्मशान घाट पूरी तरह से डूब गया है। गोशाला में भी पानी घुस गया है। जिससे गायों के लिए संकट खड़ा हो गया है। चारों ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।
बाढ़ और अंधकार की दोहरी मार से जूझ रहा नौहझील क्षेत्र
नौहझील क्षेत्र के बाढ़ पीड़ितों व ग्रामीणों पर बिजली कटौती ने संकट और गहरा दिया। शुक्रवार शाम 3 बजे से बंद हुई बिजली शनिवार शाम 4 बजे आई। पूरे 25 घंटे तक विद्युत आपूर्ति ठप रहने से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दरअसल, शुक्रवार को तेज बारिश के दौरान आकाश में तेज आवाज के साथ बिजली कड़की और इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में बिजली सप्लाई ठप हो गई। विद्युत कर्मियों द्वारा शुक्रवार देर रात तक फाल्ट को ढूंढने का काम किया गया, मगर फाल्ट नहीं मिला।
ये भी पढ़ें-
यमुना में बाढ़: सड़कों पर जलभराव...517 परिवार हुए बेघर, दो दिन ओर बढ़ेगा जलस्तर; इन इलाकों में खतरा अधिक