संजय इंजीनियरिंग कालेज में मेकेनिकल के छात्र के मामले में कालेज प्रबंधन ने आरोपी पांच छात्रों को निलंबित कर दिया है। आरोपी शिक्षकों और कर्मचारी पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। दूसरी ओर पीड़ित छात्र के साथ कुकर्म के प्रयास और शरीर पर चोटों के निशान की चिकित्सकीय परीक्षण में पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने पांच छात्रों समेत कालेज के दो अध्यापक और एक कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
संजय इंजीनियरिंग कालेज में बीटेक मेकेनिकल के छात्र सूर्य प्रताप सिंह ने सीनियर छात्रों और कालेज के कर्मचारियों पर नशे का इंजेक्शन देकर कुकर्म करने का खुलासा करके सनसनी फैला दी। कालेज प्रबंधन ने आरोपी पांचों छात्रों को निलंबित कर दिया है। प्रधानाचार्य अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि कालेज स्तर से भी एक कमेटी गठित कर जांच करवाई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद भी निलंबित छात्रों की वापसी या निष्कासन पर फैसला लिया जाएगा। उनके घर पर भी खबर कर दी गई है। आरोपी शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इधर छाता पुलिस ने पीड़ित छात्र सूर्य प्रताप सिंह के पिता राजेश प्रताप सिंह की तहरीर पर पांच छात्रों आयुष पांडेय, चिनमय, अजरुद्दीन खां, शिवम राणा, कर्मचारी विजय कुमार, अध्यापक अरुण और सोनू के खिलाफ धारा 377, 511, 342, 328, 307, 323, 504, 506 और 120 में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पीड़ित छात्र को मेडिकल के लिए महर्षि दयानंद जिला चिकित्सालय भेजा। वहां परीक्षण नहीं हो सका। शुक्रवार को एसएन मेडिकल कालेज आगरा में परीक्षण कराया गया। बकौल राजेश प्रताप सिंह परीक्षण में कुकर्म के प्रयास और चोटों के निशान स्पष्ट नहीं आए हैं।
कानपुर में कराया था मेडिकल
राजेश प्रताप सिंह के अनुसार तीन सितंबर को स्टेशन पर मिलने के बाद पांच सितंबर को कानपुर में सूर्य प्रताप सिंह के सभी परीक्षण कराए थे। इसकी रिपोर्ट उनके पास है। इसमें चोट की पुष्टि हुई थी। सूर्य प्रताप सिंह को दोबारा कालेज में पढ़ाने के बारे में उनका कहना है कि कालेज प्रबंधन पूरी जिम्मेदारी ले तो वे विचार करेंगे।
कालेज प्रबंधन के दबाब में नहीं हुआ मेडिकल
जिला अस्पताल से बैरंग लौटने के बाद दूसरे दिन आगरा में हुए छात्र के मेडिकल पर पिता का कहना है कि कालेज प्रबंधन के दबाव के चलते ऐसा नहीं हो सका। कोतवाली प्रभारी सूर्यभान सिंह यादव ने कहा कि यहां से रेफर होने के बाद ही आगरा में मेडिकल कराया होगा। इधर नामजदों को पकड़ने के लिए छाता पुलिस ने दबिश दीं। अभी तक कोई भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है।