कुशक गली में मोहनलाल पुत्र स्व: गोवर्धन लाल की वर्षों पुरानी निवार की फैक्टरी घनी आबादी के बीच संचालित है। शाम सात करीब फैक्टरी को बंद करके मजदूर अपने घर चले गए थे। 7:15 के करीब लोगों ने फैक्टरी से धुआं व आग की लपटे देख शोर मचा दिया। लोग अफरातफरी भरे माहौल के बीच अपने घरों से बाहर निकल गए। उन्होंने शहर कोतवाली पुलिस व मुख्य अग्निशमन अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह को फोन पर घटना की जानकारी दी।
तत्काल मुख्य अग्निश्मन अधिकारी पांच फायर टेंडर, जिनमें चार बड़े व एक छोटे के साथ मौके पर पहुंचे। फैक्टरी बिल्डिंग की आगे व पीछे की दीवार को तोड़कर दमकल कर्मी उसमें अंदर घुसे और आग पर पानी की बौछार की। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि आग क्यों लगी इसके पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। इसकी जांच की जा रही है। गनीमत यह रही की घटना के समय फैक्टरी के भीतर कोई मजदूर मौजूद नहीं था वरना कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी। इधर, आग लगने की सूचना पर समाजसेवी प्रमोद गर्ग कसरे ने भी पानी से भरा टैंकर भेजा।
फायर एनओसी के विषय में होगी जांच
मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया की फैक्टरी घनी आबादी के बीच संचालित है। यहां आग लगने पर दमकल कर्मियों को फायर टेंडर लेकर तंग गलियों में घुसने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने बताया की फैक्टरी संचालक के पास फायर एनओसी है या नहीं इसकी जांच की जाएगी। अगर, एनओसी व अग्निशमन यंत्र नहीं पाए जाते हैं तो नियमानुसार संचालक पर कार्रवाई भी की जाएगी।