वृंदावन। भारतीय थल सेना, रेलवे, डाक विभाग और केंद्रीय गृह मंत्रालय जैसे बड़े विभागों में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर युवाओं से लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। नगला देविया निवासी पीड़ित ने एक व्यक्ति के विरुद्ध एसएसपी के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
थाना मगोर्रा के नगला देविया निवासी रिंकू सिंह 12वीं पास बेरोजगार है। उसकी मुलाकात दिसंबर 2024 में मूल रूप से सुरीर निवासी दीपक राघव ठाकुर से ओमैक्स में हुई। आरोपी दीपक ने खुद को रसूखदार व्यक्ति बताते हुए दावा किया कि वह सेना, गृह मंत्रालय, रेलवे और डाक विभाग में सीधे भर्ती करवाता है। युवाओं को झांसे में लेने के लिए वह अपने लैपटॉप पर फर्जी ईमेल, ज्वाइनिंग लेटर्स की प्रतियां और पहले से नौकरी लगवाने के झूठे फोटोग्राफ्स दिखाता था। आरोपी के झांसे में आकर पीड़ित रिंकू सिंह, उसकी भाभी सरिता, ताऊ का लड़का प्रवीन, भाई का साला विकास और बहन का देवर देशराज भी नौकरी की आस में इस ठगी का शिकार बन गए।
आरोपी ने विश्वास जीतने के लिए सबसे पहले रिंकू से अपने खाते में 80 हजार रुपये डलवाए। इसके बाद 30 जून 2025 को ओमेक्स स्थित फ्लैट पर इन सभी युवाओं से 10-10 लाख रुपये तय कर किस्तों में पैसे लेना शुरू किया। आरोपी ने सभी से करीब 35 लाख रुपये ले लिए। आरोपी दीपक राघव ने ठगी छुपाने के लिए पीड़ितों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और आई-कार्ड बांटे। इसके बाद उसने रिंकू और विकास को 21 सितंबर 2025 को ट्रेनिंग के नाम पर जैसलमेर भेज दिया, जहां वे एक महीने तक अपने खर्चे पर होटल में रुके रहे।
इसी तरह प्रवीन और पंकज को दिल्ली के शास्त्री भवन के पास एक फ्लैट में और सरिता को संसद मार्ग गोल्फ स्टेट के पास एक फ्लैट में रखवाया गया, जिसका पूरा खर्च भी पीड़ितों ने खुद उठाया। काफी समय बीतने के बाद भी जब कोई पोस्टिंग नहीं हुई तो पीड़ितों को शक हुआ। पीड़ितों ने आरोपी दीपक के ओमेक्स फ्लैट पर जाकर दबाव बनाया। आरोपी ने 5 लाख रुपये वापस किए और कैनरा बैंक के 3 लाख व 2 लाख के दो चेक दिए जो कि बाउंस हो गए। इसके बाद जब पीड़ितों ने दोबारा पैसे मांगे, तो आरोपी ने साफ इनकार करते हुए धमकी दी।
सीओ सदर पीतम पाल सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस मामले की जांच ओमैक्स पुलिस चौकी प्रभारी रितु सिंह को सौंपी है।