जिला पंचायत अध्यक्ष की चुनावी जोड़तोड़ के बीच पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा और उनके पुत्र व जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी ललित शर्मा सहित 12 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिशन नियुक्ति, प्रमोशन के जरिये दो करोड़ 60 लाख का आर्थिक लाभ पहुंचाने के आरोपों के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
मथुरा कोतवाली में यह रिपोर्ट सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी सुनीता नौहवार के पति जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष जगदीश नौहवार ने दर्ज कराई है। पूर्व मंत्री श्याम सुंदर शर्मा ने इसे सरकारी साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर बेटे को चुनाव न लड़वाने का लगातार दबाव था।
हाईवे थाना क्षेत्र की चंदनवन कालोनी में चंदनवन पब्लिक स्कूल निवासी जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष जगदीश नौहवार द्वारा कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि
जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष श्याम सुंदर शर्मा, ललित कुमार शर्मा ने वर्ष 2003 से लेकर 2007 तक के बीच अपने कार्यकाल में फर्जीवाड़ा व षड्यंत्र के तहत सतीश चंद्र शर्मा, विजय प्रकाश मिश्रा, अर्जुन सिंह, राजकुमार सिंह, श्रीकृष्ण पांडेय, राजेश कुमार शर्मा, जयकरन सिंह मृतक की आश्रित मुन्नी देवी की फर्जीवाड़ा करके नियुक्ति करा दी।
इसके साथ ही पुरुषोत्तम नारायण शुक्ला, सत्येन्द्र कुमार सिंह तथा अरुण कुमार द्विवेदी को सीधी भर्ती के तहत नियुक्ति करने के बाद में योग्यता को नजरअंदाज कर प्रमोशन का और आर्थिक लाभ दे दिया। आरोप है कि इससे जिला सहकारी बैंक को दो करोड़ 60 लाख रुपये से अधिक रुपये वेतन व अन्य मदों का खर्च उठाना पड़ा।