मथुरा। दहेज हत्या में फंसे जेल में बंद ससुर ने सजा के डर से मौत को गले लगा लिया। केस दिन पर दिन आगे बढ़ रहा था। बेटे के ससुरालीजन समझौते को तैयार नहीं थे। पत्नी रामरती और पुत्र नीरज जेल में ही बंद थे। जिसके चलते मृतक हरी सिंह ने मानसिक संतुलन खो दिया और आत्महत्या कर ली।
अप्रैल २०२१ को हरीसिंह के पुत्र नीरज की पत्नी मोनिका का शव ससुराल में फंदे पर लटका मिला था। ससुरालीजनों ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें नामजद हुए पति नीरज, सास रामरती और ससुर हरी सिंह को बलदेव पुलिस ने जेल भेज दिया। सोमवार को आत्महत्या करने से एक घंटे पहले ही बंदी ने केस के संबंध में बेटी से बातचीत की थी।
दोपहर करीब १२:३० मिनट पर जेल अधिकारियों का फोन हरी सिंह के बेटे धीरज के पास पहुंचा और हरी सिंह की आत्महत्या की जानकारी दी। सूचना मिलने पर हरी के बेटे, बेटी तथा अन्य गांव में मौजूद सभी परिजन जेल पहुंच गए। जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि बंदी का शव परिजन को पोस्टमार्टम के बाद सौंप दिया गया।
आत्महत्या के लिए तैयार की दो गमछाें की रस्सी
हरी सिंह ने आत्महत्या के लिए दो गमछों की रस्सी बनाकर बैरक के उस कोने को आत्महत्या के लिए चुना जहां पर आसानी से लोगों की नजर नहीं जा सके। बंदी के इस गमछे की रस्सी से लटकते ही आसपास के बंदियों ने आकर उतारा। जिस समय उतारा था, उस समय मुंह से कुछ ही देर पहले खाया हुआ भोजन बंदी के मुंह से निकल रहा था।
डस्टबिन को उलटकर चढ़ा था बंदी
गमछे की रस्सी तक पहुंचने के लिए हरी सिंह ने नजदीक रखे डस्टबिन को उलट दिया और उस पर चढ़कर अपने गले में फंदा लगा लिया। जीवन समाप्त करने के लिए उसने पहले से ही तैयारी कर ली थी लेकिन जेल पुलिस को इसकी भनक नहीं लगी।
भतीजे ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि सभी परिजन केस को लेकर बहुत दबाव में हैं। उनके पुत्र धीरज के पास जेल से फोन आया था जिसके बाद हमें आत्महत्या की जानकारी हुई।
पहले भी एक बंदी ने आत्महत्या की कोशिश की थी
कुछ दिन पहले जेल में बंदी द्वारा चम्मच का नुकीला हथियार बनाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। समय से जानकारी मिलने पर बंदी को बचा लिया गया।