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100 करोड़ का मुआवजा तत्काल : मंडलायुक्त

Tue, 07 Apr 2015 11:53 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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शासन के निर्देश पर कमिश्नर प्रदीप भटनागर मंगलवार को जिले में ओलावृष्टि से हुए नुकसान की स्थिति जानने पहुंचे। इस दौरान गांव में लोगों से बातचीत में उन्होंने ने मथुरा के किसानों के लिए 100 करोड़ रुपये का मुआवजा तत्काल दिलाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि बर्बाद फसल और पीड़ित किसानों की हालत देखकर विद्युत देय, मुख्य देय, बैंक लोन और अन्य राजस्व की वसूली भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई है।
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सोमवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन के स्तर पर जनपद की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद जिले की हालत चिंताजनक बताई गई थी। इसे देखते हुए मंगलवार को कमिश्नर ने एडीएम वित्त धीरेंद्र सचान, एसपीआरए अजय कुमार और डिप्टी डायरेक्टर राकेश बाबू के साथ राया ब्लॉक का जायजा लिया। गांव मल्है, वंशै, राया, मदैम, ब्यौही में फसल देखने के बाद मंडलायुक्त ने कहा कि किसानों को हुए नुकसान का आकलन मौके पर जाकर किया जा रहा है जिससे उचित मुआवजा मिलने में परेशानी न हो।

मंडलायुक्त के साथ आए अपर आयुक्त प्रशासन आरआर सिंह ने छाता और नंदगांव, जेडीसी निशा आर्य ने मांट ब्लॉक और जेडी कृषि आगरा अनिल कुमार ने राया और चौमुंहा ब्लॉक में निरीक्षण किया। संभावना है कि जल्द ही जनपद में फसल के नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र से भी टीम आ सकती है।
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शासन ने जारी किए 25 लाख
जिलें हुए किसानों के नुकसान का आकलन जिला प्रशासन ने शासन को भेज दिया है। इसमें 331 करोड़ रुपये की डिमांड की गई है। उधर आकलन से पहले शासन ने जनपद के लिए 25 लाख रुपये की किस्त भी जारी कर दी है। इस राशि का उपयोग 20 पशु और तीन लोगों की मौत पर परिवारीजनों को आर्थिक मदद देने में किया जाएगा। इसके अलावा गांवों में क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत कराई जाएगी। एडीएम वित्त धीरेंद्र सचान ने बताया कि यह राशि जारी होने की सूचना सोमवार को देर शाम मिली। अब मुआवजे की राशि जल्द ही मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि जिले में दो हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसानों की 164284 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। इनके लिए 295 करोड़ मुआवजा का प्रस्ताव दिया है। 19622 बडे़ किसानों के लिए 35.18 करोड़ रुपये मुआवजे का प्रस्ताव गया है। इस तरह यह राशि 331 करोड़ के करीब है।

विवेकाधीन कोटा से मदद का प्रस्ताव
जनपद में फसल की बर्बादी को देख मौत का शिकार हुए किसानों के परिवारीजनों के लिए आर्थिक मदद की कोशिश जिला प्रशासन के स्तर से की जा रही है। प्रशासन ने अब तक जिले में 13 लोगों की जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। इससे शासन को भी अवगत करा दिया है। प्रशासन की कोशिश इनमें से उन लोगों को मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोटे से आर्थिक मदद दिलाने की है जिनके परिवार की हालत खराब है।
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