गोकुल बैराज प्रभावित किसानों ने मुआवजे के लिए जिला प्रशासन को हर तरफ से घेरने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया। राष्ट्रपति से जहां सामूहिक रूप से आत्मदाह की अनुमति मांगने का फैसला किया है तो दामोदरपुरा में धरने पर बैठ गए हैं। इसके साथ ही अब हाईकोर्ट की शरण लेने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोकुल बैराज मुआवजा प्रकरण में बढ़ती याचिकाओं को देखते हुए क्लब कर लिया है। इस पर जिला प्रशासन से अब तक की कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा था। बुधवार को एसएलओ रामसेवक द्विवेदी ने कोर्ट में जवाब के रूप में शपथ पत्र दाखिल किया है।
दो किसान हाईकोर्ट के आदेश पर मुआवजा पा चुके हैं। ऐसे में किसानों का विश्वास प्रशासन से टूटते हुए कोर्ट की ओर ज्यादा बढ़ रहा है। इसीलिए हाईकोर्ट की शरण लेने वालों की संख्या कई दर्जन हो गई है। इधर, दामोदरपुरा में किसान धरने पर बैठे हुए हैं। साथ ही उन्होंने 15 अगस्त के बाद सामूहिक रूप से राष्ट्रपति से आत्मदाह की अनुमति मांगे जाने का प्रस्ताव कर जिला प्रशासन के साथ शासन को भी चिंता में डाल दिया है।