मथुरा। बलदेव क्षेत्र में मक्का की फसल खराब होने की जांच पूरी हो गई है। कृषि विशेषज्ञों की टीम 12 किसानों के बयान और मक्का का परीक्षण कर बिंदुवार रिपोर्ट बनाकर रविवार को शासन को भेज दी है। रिपोर्ट में पछेती बुवाई और अधिक तापमान से फसल बेकार का कारण माना रहा है। हालांकि किसानों का कहना कि जांच रिपोर्ट भरोसा नहीं है और आज डीएम को ज्ञापन देकर अन्य से जांच कराने की मांग करेंगे।
कृषि विशेषज्ञों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने के बाद किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। किसान नेता राजकुमार तोमर, ओमप्रकाश सिंह, सूरज सिंह, ओमवीर सिंह और कपूरी देवी का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले को दबाने में जुटे हैं और खराब बीज की हकीकत छिपाने के लिए बढ़ते तापमान का बहाना बनाया जा रहा है। इस रिपोर्ट से असंतुष्ट किसान और व्यापारी सोमवार जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे और निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। हाल ही में किसानों ने शिकायत की थी कि हिल इंडिया कंपनियों के बीज बोने के बाद मक्का की फसल में दाने नहीं आए। इसके बाद कृषि मुख्यालय लखनऊ द्वारा गठित विशेषज्ञों की टीम ने खेतों में मक्का की फसल का परीक्षण किया और किसानों से बातचीत की थी।
विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में बीज की गुणवत्ता को क्लीन चिट देते हुए सारा दोष मौसम और अत्यधिक तापमान पर मढ़ दिया है। इस रिपोर्ट के सामने आते ही किसानों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर तापमान कारण था, तो अन्य कंपनियों के बीज की फसल क्यों खराब नहीं हुई। क्षेत्रीय किसान नेताओं ने दो टूक कहा है कि उन्हें कृषि विभाग की इस मनगढ़ंत जांच रिपोर्ट पर कतई भरोसा नहीं है। आरोप लगाया कि कंपनियां और विभाग के अधिकारी सांठगांठ करके मामले को रफा-दफा करना चाहते हैं। मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में पिछली साल बाजार का बीज और इस साल मक्का का नकली बीज खपाया गया है। अब इस पूरे मामले में जिलाधिकारी को खुद हस्तक्षेप कर उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच करानी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।