गोकुल बैराज प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद अब जिला प्रशासन मुआवजे की गुत्थी को हर स्तर से सुलझाने में जुट गया है। इसके लिए कम राशि होने के बावजूद अधिक किसानों को मुआवजा दिए जाने की प्लानिंग पर भी काम किया जा रहा है।
गोकुल बैराज पर हाईकोर्ट के सख्त आदेश होने के बाद जिला प्रशासन अब 17 साल पुराने मुआवजे के लिए रिकार्ड तैयार करने में जुट गया है। इसके लिए रविवार को डीएम ने सदर और महावन तहसील के साथ सभी सब रजिस्ट्रार, कोषाधिकारी, सर्वे टीम, आहरण वितरण अधिकारी, एसएलओ आदि अफसरों के साथ बैठक की। इसमें सभी अधिकारियों को एक सप्ताह का समय देते हुए मुआवजे के लिए सभी रिकार्ड पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन संभावनाओं पर भी विचार किया गया कि शासन से धनराशि आने के बाद किस तरह उसका वितरण किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन के खाते में करीब 11 करोड़ रुपये हैं। यह राशि 67 किसानों को मुआवजा देने के बाद बाकी बचेगी। इस राशि का उपयोग भी प्रशासन अधिक किसानों को लाभान्वित करने की सोच रहा है। इसके लिए प्रशासन की प्राथमिकता छोटे किसानों की होगी। गौरतलब रहे कि गोकुल बैराज प्रभावित 11 गांव के 924 किसानों को मुआवजा देना है। मुआवजे की कुल राशि 700 करोड़ के करीब है। जो 333.506 हेक्टेयर जमीन के स्वामियों को दी जाएगी।