इलाहाबाद हाईकोर्ट से गोकुल बैराज प्रभावित किसानों के मुआवजे की तस्वीर पूरी तरह से साफ होने के बाद अब जिला प्रशासन हिसाब लगाने में जुट गया है। फिलहाल कम संख्या वाले पांच गांव के शेष किसानों को इसी माह मुआवजा देने की तैयारी कर ली गई है।
17 साल पुराने गोकुल बैराज के डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों को 592 करोड़ रुपये का भुगतान मुआवजे के रूप में किया जाना है। इसके लिए हाईकोर्ट ने शासन और जिला प्रशासन को आदेशित किया है। इस स्थिति में अब जिला प्रशासन ने सबसे पहले उन गांवों के किसानों को मुआवजा देने की प्लानिंग की है जिनमें संख्या कम है। ऐसे पांच गांव में सिर्फ 67 किसान हैं, इनमें सिर्फ 26 किसान वंचित हैं।
बाकी 41 किसान और हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले किसानों सहित कुल 50 किसानों को जिला प्रशासन 30.86 करोड़ का भुगतान कर चुका है।
प्रशासन के पास अभी 53 करोड़ रुपये हैं और पांच गांव के 26 किसान को 41.81 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। इसमें भी 17 किसानों को मुआवजा आपसी विवादों के चलते देना संभव नहीं है।
इनका फैसला विभिन्न कोर्ट से होने के बाद ही मुआवजे दिया जा सकेगा। संभावना जताई जा रही है कि इस माह यह मुआवजा वितरित कर दिया जाएगा। इसके बाद बाकी छह गांवों के किसानों को मुआवजा देने की योजना पर काम होगा।
डीएम राजेश कुमार ने बताया कि शासन मुआवजा देने को पूरी तरह तैयार है। इसमें कोई रुकावट नहीं है। मुआवजा राशि शासन से किस तरह आएगी यह तय होना बाकी है। कुछ राशि अनुपूरक बजट से भी आनी है। कुछ राशि प्रशासन पर मौजूद है। इसका वितरण हो रहा है।
मुआवजा प्रकरण पर बैठक आज
गोकुल बैराज प्रभावित किसानों के मुआवजे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के संदर्भ में रविवार को बैठक बुलाई गई है। इसमें महावन, सदर एसडीएम, तहसीलदार, सिंचाई अधिकारी, सब रजिस्ट्रार, कोषाधिकारी, आहरण वितरण अधिकारी, सर्वे टीम अधिकारी बुलाए गए हैं। इसमें मुआवजे वितरण को लेकर किसानों के संबंधित रिकार्ड तैयार करने की योजना पर चर्चा होगी।