नौहझील। क्षेत्र के कस्बा बाजना स्थित बिजलीघर पर क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित विद्युत कटौती, बार-बार ट्रिपिंग और अधिकारियों के कथित उदासीन रवैये से नाराज किसानों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला संयोजक चेतन नौहवार के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और ग्रामीणों ने बिजलीघर का घेराव कर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। करीब तीन घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में एसडीओ के आश्वासन पर दोपहर करीब दो बजे धरना समाप्त किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को 18 घंटे बिजली देने के निर्देश हैं, लेकिन क्षेत्र में मुश्किल से चार से पांच घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। वह भी लगातार ट्रिपिंग के कारण सिंचाई के योग्य नहीं रहती। बारिश नहीं होने से धान और बाजरा की फसलें पूरी तरह नलकूपों पर निर्भर हैं, लेकिन पर्याप्त बिजली न मिलने से फसलें सूखने की कगार पर पहुंच रही हैं। किसानों ने बताया कि रात में भी लगातार बिजली कटौती होने से लोगों को भीषण गर्मी और मच्छरों के बीच रात गुजारनी पड़ रही है। उनका कहना था कि बाजना बिजलीघर पर मात्र पांच एमबीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा है, जबकि बढ़े हुए लोड के कारण वह बार-बार ट्रिप कर जाता है। किसानों ने ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाकर 10 एमबीए करने की मांग उठाई।
हंगामे की सूचना पर एसडीओ लाल बहादुर सिंह और जेई जितेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। चेतन नौहवार ने कहा कि किसानों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान किसानों ने कृषि के लिए प्रतिदिन 18 घंटे तथा ग्रामीण उपभोक्ताओं को 22 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, बकाया बिल के नाम पर किसानों के बिजली कनेक्शन न काटने और बाजना बिजलीघर की क्षमता बढ़ाने की मांग रखी। किसान नेता सोनू प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली आपूर्ति, ट्रिपिंग की समस्या और अधिकारियों के व्यवहार में सुधार नहीं हुआ तो किसान सड़कों पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन करेंगे। एसडीओ लाल बहादुर सिंह ने किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।धरना-प्रदर्शन में चेतन नौहवार, सोनू प्रधान, करूआ सिंह राष्ट्रीय प्रचार मंत्री भाकियू टिकैत, देवेंद्र सिंह प्रदेश प्रवक्ता, लोकेश सरपंच, रवि वाल्मीकि भीम आर्मी, प्रशांत, आजाद भगत सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।