मथुरा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति (डीएलएमसी) की बैठक की गई। बैठक में फसल बीमा में अनियमितताओं और किसानों को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति की समीक्षा की गई।
उप कृषि निदेशक वसंत कुमार दुबे ने बताया कि वर्ष 2021-22 में कूट रचना के माध्यम से अनुचित लाभ लेने वाले किसानों से वसूली के लिए आरसी जारी कर दी गई है। इसी वर्ष के 110 अन्य किसानों को भी नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से एक किसान से 1,37,900 रुपये वापस जमा कराए जा चुके हैं। शेष किसानों से वसूली के लिए एक सप्ताह के भीतर आरसी जारी की जाएगी।
रबी वर्ष 2022-23 की जांच में 232 पॉलिसियों में से 173 पॉलिसियां गलत पाई गईं। इनकी सूची निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा को भेज दी गई है। वहीं फसल बीमा पोर्टल की जांच में 32 व्यक्तियों द्वारा पिछले वर्ष भी अनुचित लाभ लेने का प्रयास सामने आया, जिनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। खरीफ 2025 में 80 बैंक शाखाओं द्वारा चकबंदी गांवों के किसानों का फसल बीमा किया गया था, जिनमें से 65 बैंक शाखाओं ने भूमि विवरण का प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया है। शेष शाखाओं से एक सप्ताह में प्रमाण पत्र प्राप्त होने की संभावना जताई गई है।
बैठक में यह भी बताया गया कि खरीफ 2025 में 15,293 गैर ऋणी बटाईदार किसानों की पॉलिसियों में से 166 गलत पाई गई हैं। इनके प्रीमियम को जब्त करने की संस्तुति की गई है। मामले की जांच के लिए नायब तहसीलदार और कृषि विभाग की संयुक्त टीम गठित कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में प्रस्तुत की जाएगी।