बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल को हुए नुकसान का मुआवजा मिलने में देरी और महावन में नुकसान के आकलन में हीलाहवाली से परेशान बड़ी संख्या में किसानों ने एक्सप्रेसवे जाम कर दिया। सुबह दस बजे से दोपहर करीब 12.30 बजे तक यहां यातायात रुका रहा। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों के 100 प्रतिशत नुकसान की रिपोर्ट भेजने के आश्वासन पर ही किसान माने और जाम खुल सका।
महावन तहसील के गांव सिहोरा, कारब, नगला तेजा, तारापुर, ककरेटिया आदि गांवों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं, जौ और आलू की फसल बर्बाद हो गई है। किसानों की शिकायत है कि क्षेत्र में प्रभावित फसल के आकलन में हीलाहवाली की जा रही है, नुकसान का प्रतिशत कम दर्शाया जा रहा है और आलू की खेती में नुकसान नहीं बताया जा रहा। अन्य भी शिकायतें हैं।
सोमवार को सुबह बड़ी संख्या में किसान एक्सप्रेसवे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। सबसे पहले सुबह 10 थाना राया के गांव ककरेटिया के निकट किसान एक्सप्रेसवे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। थोड़ी देर बाद गांव कारब, सिहोरा, नगला तेजा के किसान किमी संख्या 115 पर कारब पुल पर चढ़ गए और दोनों ओर की सड़क बंद कर दी। बाद में ककरेटिया के किसान भी कारब के साथ हो लिए। सिहोरा के प्रधान ब्रजकेशरी देवेन्द्र पहलवान और विधायक पूरन प्रकाश भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हो गए। जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा चलता रहा।
सूचना पर यमुनापार, महावन, राया, मांट, सुरीर, मथुरा कोतवाली से पुलिस पहुंचा। सिटी मजिस्ट्रेट हेम सिंह, एसएसपी मंजिल सैनी, एडीएम प्रशासन धीरेन्द्र कुमार, एसडीएम चंद्रविजय सिंह, एसडीएम विश्वभूषण मिश्रा भी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया।
अधिकारियों ने किसानों को 100 प्रतिशत नुकसान के हिसाब से मुआवजा दिलाने और वितरण की प्रक्रि या शीघ्र शुरू कराने का आश्वासन दिया तभी किसान माने। करीब 12.30 बजे जाम खोल दिया गया। 2.30 घंटे तक जाम से एक्सप्रेसवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीर खासे परेशान रहे।
किसानों की प्रमुख मांग
-100 प्रतिशत नुकसान के हिसाब से मिले मुआवजा
-किसान क्रेडिट कार्ड, क्र ॉप लोन, किसानों के ऋण को माफ करना
-मुआवजा कास्तकार को दिलाने की व्यवस्था करना
-एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड का निर्माण कराना
विदेशी सैलानियों को किया परेशान
मथुरा। मुआवजा मांग रहे किसानों के प्रदर्शन पर कुछ शरारती तत्वों ने धब्बा भी लगाया। उन्होंने जाम में फंसे विदेशी पर्यटकों को परेशान किया। अभद्र इशारे किए। जाम में फंसे वाहनों में महिलाओं से अभद्रता और छींटाकशी की शिकायत भी रही। इसे लेकर पुलिस और उत्पाती युवकों के बीच कई बार तकरार भी हुई।
अबैरनी चौराहा भी किया जाम
बलदेव। मुआवजा न मिलने से आक्रोशित किसानों ने सोमवार को अबैरनी चौराहा पर भी जाम लगा दिया। दो घंटे से अधिक समय तक यहां यातायात रुका रहा।
किसानों कहना था कि बलदेव ब्लाक से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। अभी तक यहां मुआवजा नहीं बांटा गया। कई गांवों में सर्वे तक नहीं कराया गया है। उन्होंने किसानों के सभी ऋण और बिजली बिल माफ करने की मांग भी की। सूचना पर एसडीएम चन्द्रविजय सिंह और सीओ अजय कुमार मौके पर पहुंचे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया तो किसान चौराहे से हटे।
प्रदर्शन में रालोद के डा. एनपी सिंह भंरगर, राजपाल सिंह भरंगर, भाकियू के राजकुमार सिंह तोमर, कौशल सिंह सिकरवार, चन्द्रभान, हरस्वरूप, घनश्याम, महेश तौमर, भरत तौमर, नत्थी सिंह, केरन सिंह, ओमवीर सिंह, राधाचरण, गेंदालाल, ओमवीर सिंह आदि शामिल रहे।