सिरिया की नगरिया में दान की जमीन पर राजकीय कन्या इंटर कालेज का निर्माण खतरे में पड़ गया है। यह भी हो सकता है कि शिक्षा विभाग को जमीन खाली करनी पड़े। जिलाधिकारी ने विद्यालय के लिए पास के गांव में भूमि तलाशने के निर्देश भी दे दिए हैं। इससे पहले जीआईसी मथुरा को भी खाली करने का आदेश सचिव स्तर से जारी हो चुका है।
सिरिया की नगरिया स्थित चोखेलाल पुत्र रामहंस के भवन में वर्ष 1986 से अस्थायी रूप से राजकीय कन्या इंटर कालेज संचालित है। चोखेलाल ने इससे संबंधित जमीन का मुख्तारनामा (पावर ऑफ अटार्नी) अपने धेवते संजीव कुमार के नाम कर दिया था। संजीव कुमार ने वर्ष 2003 में जमीन के एक हिस्से का दानपत्र जीजीआईसी सिरिया की नगरिया के पक्ष में पंजीकृत कर दिया।
इसके आधार पर भूमि का नामांतरण भी कालेज के नाम पर हो गया और यहां नवीन विद्यालय भवन का निर्माण होने लगा। इसी दौरान चोखेलाल ने जमीन पर मालिकाना हक जताते हुए कोर्ट में भूमि वापस लेने की याचिका दायर कर दी। सिविल कोर्ट ने 20 मार्च को चोखेलाल के पक्ष में निर्णय देते हुए जमीन खाली करने, शांतिपूर्ण कब्जा देने और अवैध हस्तक्षेप न करने का निर्णय दिया।
इसके बाद डीएम राजेश कुमार ने एसडीएम मांट को गांव सिरिया की नगरिया या निकटवर्ती क्षेत्र में कालेज के लिए निशुल्क और विवाद रहित सरकारी भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं सात अप्रैल को समीक्षा बैठक में डीआईओएस को सिविल कोर्ट के आदेश के विरुद्ध जिला जज के कोर्ट अपील करने के निर्देश दिए हैं।