मथुरा। अन्नदाता के साथ गेहूं खरीद के नाम पर यदि किसी ने कोई गड़बड़ी करने की कोशिश की तो वह बच नहीं पाएगा। शासन ने गेहूं खरीद में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इस बार ई-पॉप (प्वाइंट ऑफ परचेजिंग) मशीन लगाई हैं। यह मशीन रजिस्टर्ड किसान के अंगूठा लगते ही उसकी पहचान बताएगी और यदि कोई दूसरा व्यक्ति किसान के रजिस्ट्रेशन का दुरुपयोग करने की कोशिश करेगा तो संबंधित किसान के पास संदेश चला जाएगा।
इस बार जनपद में गेहूं की फसल पैदा करने वाले 32 हजार 300 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इस रजिस्ट्रेशन के साथ किसानों के उत्पादन के साथ-साथ उसकी जमीन व अन्य पहचान भी चिह्नित की गई हैं। इसके बाद भी खरीद-फरोख्त में कोई फर्जीवाड़ा ना हो, इसके लिए शासन ने ई-पॉप मशीन लगाई है।
ई-पॉप मशीन लगने से किसान अपना उत्पादन तो सही बेच ही सकेगा, उसके संबंधित खाते में ही उसके उत्पादन का पैसा जा पाएगा। यदि एक किसान के कागजों को दूसरा व्यक्ति प्रयोग कर रहा है तो संबंधित किसान के पास एक मैसेज जाएगा कि उसके रजिस्ट्रे्शन के कागजातों के आधार पर कोई दूसरा व्यक्ति खरीद-फरोख्त कर रहा है। विभाग द्वारा फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट तक की जा सकती है।
चार केंद्रों पर लगी मशीन
मशीन 200 मीटर के दायरे से बाहर नहीं जा सकेगी। ई-पॉप मशीन के साथ गेहूं खरीद केंद्र का जिओ टैग किया गया है। इस मशीन को गांवों में ले जाकर अंगूठा लगवाने की संभावना नहीं रह जाएगी। फिलहाल यह चार खरीद केंद्रों पर लगाई गई है।
- ई-पॉप मशीन पहली दफा लगाई गई है। फिलहाल यह चार खरीद केंद्रों पर लगाई गई है। जिसमें जाकर किसान गेहूं की खरीद कर रहे हैं। किसानों को गेहूं खरीद केंद्र पर आना ही होगा। - राजेश्वर सिंह, डिप्टी आरएमओ।