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लाल लली के संग फाग खेलन चलौ री बीर

Wed, 25 Feb 2015 11:54 PM IST
रैना पालीवाल
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राधे राधे रसिकौं! देखौ तन ते तुम कहूं बैठे होय पर अपनौ मन हमकू दै देओ। हमाये संग भानुगढ़ आ जाऔ। फाग की या मानसी वर्षा मै ऐसे भीजौगे कि रोम रोम हर्षा उठैगौ। सांझ ढलवे कू है। बाहर मेघन कौ मन अदल बदल रहृयौ है पर लाड़िली के मंदिर मै गुलाल की फुहार बरसवे लगी हैं। श्रीजी के दर्शन कू आए भक्त लाल हैकै लाली के जयकारे लगाय रहे हैं। कछू नाच रहे हैं तौ कछू गाय रहे। इनकू तौ बस बुंदियां समझौं, झमाझम बरखा तौ आज होयगी।
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कनुआ किशोरी के अनुराग रूपी अबीर मै नहाय कै रसिक मत्त होय झूमंगे। होरी के निमंत्रण की स्वीकृति लैकै नंदगांव कौ पाड़े बरसाने आयगौ। बो लड्डू खाएगौ और खिलाएगौ। तुम सबकू या लड्डू होरी कौ न्यौता है।

बरसाना की विख्यात रंगीली का रंगारंग आरंभ गुरुवार को लड्डू होली से होगा। इस अलौकिक फाग की अनुभूति के लिए असंख्य रसिक किशोरी के मंदिर में मौजूद होंगे। शाम पांच बजे नंदगांव का पाड़े भानु मंदिर में आएगा। उसी समय समाज गायन होगा।
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बरसाने के गोस्वामी लड्डुओं से उसका स्वागत सत्कार करेंगे। आनंद निमग्न पाड़ा नाचेगा और सबको नचाएगा। खुशी में पाड़ा लड्डू लुटाएगा। राधा रानी के प्रसाद को पाने के लिए भक्त झोली फैलाए खड़े होंगे। मंदिर में अबीर गुलाल की घनघोर घटा छाएगी। लडै़ती लाल सबको लाल कर देंगे। फिर लाली लाल होगी और लाल लाली। चेहरों पर प्रफुल्लता होगी और मुख राधा माधव की जय जयकार।

मंदिर के रिसीवर कृष्ण मुरारी गोस्वामी ने बताया कि होली के कुछ दिन बरसाना से नंदगांव वालों को होली खेलने का न्यौता भेजा जाता है। उसकी स्वीकृति देने के लिए पाड़े यहां आता है। पहले पाड़े को खूब खिझाया जाता है, समाज गायन में गारी गाई जाती है और फिर उसका आदर सत्कार होता है। लोग उसे लड्डुओं का भोग लगाते हैं। फिर पाड़ा लड्डुओं को सबमें लुटाता है। इससे पाड़े लीला का नाम ही लड्डू होली हो गया।

बुधवार शाम को मंदिर में हुई समाज में होली के पद गाए गए। नंद सुबन ब्रजधाम ते होरी खेलन आयो...। गारी भी गाई गईं...अहां हां रस रंग रह्यौ, हरि कारौ री हरि कारौ, यह है दोय बापन कौ बारौ..... लड्डू होली की पूर्व संध्या पर भक्तों की कतार लगी थी। श्रीजी के दर्शन कर गुलाल का प्रसाद साथ लेकर लौटे।

मशीन से बरसेगा गुलाल
लाड़िली जी मंदिर में पहली बार गुलाल के बदरा बरसाने के लिए मशीन मंगाई गई है। यह ब्लोअर की तरह काम करेगी। इसके साथ हाथों से भी मूठ भर भरकर अबीर गुलाल उड़ाया जाएगा।
मुखिया रामभरोसी गोस्वामी ने बताया कि इससे होली का नजारा और भी रंगीला होगा। करीब पांच क्विंटल लाल गुलाल बरसेगा। इस मशीन में एक बार में 12 किलो गुलाल आता है। वह प्रेशर से उपर आएगा।
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लठामारी की तैयारी के लिए दो क्विंटल टेसू के फूल भिगोए गए हैं।
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